
Jharkhand Student Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में विरोध कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से सवाल किया कि जब राजनीतिक पार्टियां विरोध प्रदर्शन करती हैं तो पुलिस ऐसी बर्बरता क्यों नहीं दिखाती। दीपके ने कहा कि उनकी टीम रांची में मौजूद है और आंदोलन कर रहे छात्रों को हर संभव कानूनी, चिकित्सा और नैतिक समर्थन दे रही है और उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि झारखंड में जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। जंतर-मंतर पर हमने जो नजारा देखा था, वैसा ही मंजर रांची में देखने को मिला जहां छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठियां बरसाई गईं। समझ में नहीं आता कि जब राजनीतिक दल सड़कों पर उतरते हैं, तब लाठीचार्ज या टियर गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं होता? आखिर यह लाठियां और आंसू गैस हमेशा छात्रों पर ही क्यों चलाई जाती हैं? देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि अपने हक और रोजगार की लड़ाई लड़ रहे युवाओं पर अत्याचार करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है।
झारखंड में छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रहे युवा नेता देवेंद्र महतो का जिक्र करते हुए दीपक ने कहा कि लगातार अनशन पर रहने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। उनसे हुई बातचीत का हवाला देते हुए दीपक ने कहा, "मैंने कल फोन पर देवेंद्र महतो जी से बात की। वह नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। फिर भी, पुलिस ने लाठियों से उनकी पिटाई की। उन्हें गंभीर चोटें आईं और अभी वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। हमारी CJP टीम पूरी रात अस्पताल में उनके साथ रही। हम उनकी और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सभी मांगों का पूरा समर्थन करते हैं।"
जब पत्रकारों ने पूछा कि अभिजीत दीपक खुद कब रांची जाएंगे, तो उन्होंने साफ किया कि छात्र ही स्थानीय स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और वही इसके मुख्य चेहरे हैं। रांची जाने के सवाल पर दीपक ने कहा, "हमारी CJP टीम पहले से ही रांची में मौजूद है और लगातार छात्रों की मदद कर रही है। हमारा मकसद वहां जाकर पब्लिसिटी पाना नहीं है, बल्कि 9 दिन से अनशन कर रहे देवेंद्र महतो और छात्रों को मजबूत करना है। देवेंद्र महतो आंदोलन का चेहरा हैं और यह उन्हीं के नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहिए। हम पर्दे के पीछे रहकर हर संभव मदद देंगे।"