
Jharkhand Recruitment Scam: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। करीब 15 मिनट तक छात्रों से बातचीत के बाद उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
मरांडी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड में यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि नौकरियां बेचने का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार, सिर्फ 14वीं जेपीएससी परीक्षा ही नहीं, बल्कि पिछले छह वर्षों में आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और इससे कम पर वे तैयार नहीं हैं। भाजपा भी इस मांग का समर्थन करती है और विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएगी। मरांडी ने आरोप लगाया कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा और जेएसएससी की कुछ परीक्षाओं में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्न और उत्तर याद कराए गए थे।
उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा में लंबे समय तक कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए और बाद में जारी कट-ऑफ ने चयन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव तथा परीक्षा नियंत्रक को तत्काल हटाया जाए। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर छात्रों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार बारिश के बावजूद छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद करने या उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई गंभीर पहल नहीं की। इस दौरान भाजपा के कई विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।