
JPSC Money Laundering Case: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मामला अब सिर्फ छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सूबे की सियासत और प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला दिया है। एक ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा कसते हुए मामले की तह तक जाने की तैयारी कर ली है, वहीं अपनी मांगों पर अड़े हजारों अभ्यर्थी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सरकार और छात्रों के बीच वार्ता विफल होने से राजधानी रांची में टकराव के हालात बन गए हैं।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्रों द्वारा बुलाए गए विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। जगन्नाथपुर मंदिर मार्ग सहित विधानसभा जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कंटीले तारों (रेजर फेंसिंग) और बैरिकेड्स की मजबूत दीवार खड़ी कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता/बीएनएस (BNS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है, जिससे चार या उससे अधिक लोगों के एक जगह जुटने पर पूरी तरह पाबंदी है।
इस पूरे विवाद में उस वक्त सबसे बड़ा मोड़ आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने परीक्षा में वित्तीय गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज कर लिया। वित्तीय अनियमितताओं, बिचौलियों और फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट की जांच अब केंद्रीय एजेंसी करेगी। आने वाले दिनों में आयोग के कई अधिकारियों और संदिग्ध सिंडिकेट्स पर ED का शिकंजा कस सकता है।
छात्रों के गुस्से को शांत करने के लिए रविवार को प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच छठे दौर की लंबी बातचीत हुई, मगर नतीजा सिफर रहा।
सरकार का दावा: प्रशासन का कहना है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
अभ्यर्थियों का पलटवार: आंदोलनकारी युवाओं ने सरकार के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि वे 13 विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे, जबकि सरकार ने केवल 3 परीक्षाओं को रद्द करने की बात मानी है। ऐसे में यह समझौता अधूरा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल लगातार जारी है। कड़ाके की धूप और तनाव के बीच अनशन पर बैठे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है। हालात को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम को स्टेडियम भेजा गया, जिन्होंने अनशनकारी युवाओं के वाइटल्स और स्वास्थ्य की जांच की। डॉक्टरों ने कुछ छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों के पूरा होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।