
Jharkhand Student Leader Devendra Nath Mahto Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। वे इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। आज (रविवार) इस आंदोलन का 23वां दिन है। छात्र अपनी मांगों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। इसी बीच, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, 'आज स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में इलाजरत होने के बावजूद मुझे धक्का-मुक्की कर रोका गया और मेरे साथियों के साथ भी मारपीट की गई। मुझे झंडोत्तोलन, तिरंगा यात्रा में शामिल होने और अपनी इच्छा के अनुसार इलाज कराने तक की आजादी नहीं दी गई।'
उन्होंने आगे लिखा, 'आज सवाल है- क्या यही वह आजादी है, जिसके लिए भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संघर्ष किया था? क्या अपने अधिकारों की आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी भी नहीं बची? आज का दिन मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है।'
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश के समय उनकी भूख हड़ताल का 14वां दिन था। लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
देवेंद्र महतो सदर अस्पताल में भर्ती हैं। सदर अस्पताल से सामने आए वीडियो में भी महतो और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव दिखाई दिया। प्रसारित वीडियो में महतो तिरंगा हाथ में लिए और तिरंगे के रंग के कपड़े पहने नजर आए, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर जाने से रोकते दिखाई दिए।
स्वतंत्रता दिवस के दिन महतो को रोके जाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है। उनके समर्थकों ने सवाल उठाया कि उन्हें शांतिपूर्ण राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने से क्यों रोका गया। वहीं, कुछ लोगों ने उनकी चिकित्सीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। झारखंड कांग्रेस नेता कुमार राजा ने महतो को अस्पताल से बाहर जाने से रोकने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि राजनीतिक विचारों से ज्यादा उनकी सेहत महत्वपूर्ण है।