
Jammu Kashmir Assembly: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र के दौरान सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। भाजपा के हंगामे को लेकर कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने सवाल उठाया कि सरकार बने दो साल हो चुके हैं, लेकिन केंद्र ने अब तक जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल क्यों नहीं किया। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। इस पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भाजपा के हंगामे को ‘ड्रामा’ बताते हुए सदन को चलने देने की अपील की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने सदन के अंदर जानबूझकर हंगामा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बने दो साल बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस क्यों नहीं दिया? मीर ने आरोप लगाया कि आज सदन में राज्य के दर्जे का मुद्दा उठना तय था, इसी से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा सदस्यों ने शोर-शराबा किया।
वहीं दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्तमान प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। जब सरकार हर मोर्चे पर फेल हो जाती है, तो विपक्ष का दायित्व बनता है कि वह पीड़ित जनता की आवाज बनकर सरकार को जवाबदेह बनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से डर रही है और जवाब देने से भागना चाहती है।
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि भाजपा सदस्य सदन में आएंगे और कामकाज में कमियां उजागर करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विषयों को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है, वे सभी प्रश्नकाल की सूची में दर्ज थे। विपक्ष के सदस्य पूरक सवाल (सप्लीमेंट्री प्रश्न) पूछ सकते थे और संबंधित मंत्री उनका पूरा जवाब देते। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने सदन के भीतर केवल ड्रामा किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष आगे सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देगा।