
JP Nadda on AKG Bhavan Police Action: दिल्ली स्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) के मुख्यालय AKG भवन में पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को राज्य सभा में जोरदार बहस हुई। इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति बताते हुए विपक्ष पर इसे बेवजह राजनीतिक रंग देने और सनसनी फैलाने का आरोप लगाया।
बता दें कि राज्य सभा में CPM सांसद जॉन ब्रिटास ने मंगलवार को AKG भवन में पुलिस के प्रवेश और कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे विपक्षी दलों और छात्र नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश बताया।
दरअसल, मंगलवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम कथित तौर पर CPM की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की दिल्ली सचिव और जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को एक पुराने मामले में हिरासत में लेने के लिए AKG भवन पहुंची थी। इस दौरान पुलिस और CPM नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद पुलिस टीम आइशी घोष को साथ लिए बिना ही वहां से लौट गई।
राज्य सभा में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह पूरी तरह सामान्य कानून-व्यवस्था का मामला था। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्रवाई की। जो भी छात्र सक्रिय राजनीति या आंदोलन से जुड़ा होता है, उसे ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं भी छात्र जीवन में सक्रिय कार्यकर्ता था। कांग्रेस शासन के दौरान आपातकाल में मुझे कई बार कक्षा से गिरफ्तार किया गया था।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की है और विपक्ष को इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष एक सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई को बेवजह सनसनीखेज और राजनीतिक बनाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं CPM नेताओं का आरोप है कि आइशी घोष के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में उनकी सक्रिय भागीदारी से जुड़ी है। पार्टी का दावा है कि छात्र नेता को निशाना बनाने के लिए पुराने मामले का सहारा लिया जा रहा है।