
CJP Protest Latest Update: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन दिया गया है या नहीं। उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, CJP के 2 प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पहले मौखिक रूप से अपनी मांगें रखीं। इसके बाद नड्डा ने उनसे सभी मांगों को लिखित रूप में देने को कहा। जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल दोबारा उनके आवास पहुंचा और 3 प्रमुख मांगों वाला ज्ञापन सौंप दिया।
NDA के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में पहुंचे जेपी नड्डा से जब पत्रकारों ने CJP प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बैठक अच्छी रही। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की किसी मांग को स्वीकार किया है या उन पर कोई आश्वासन दिया गया है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने बैठक के दौरान 3 प्रमुख मांगें केंद्रीय मंत्री के सामने रखीं। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बिना किसी रोक-टोक के रिहा करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट 2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान जेपी नड्डा ने तीनों मांगों में से किसी पर भी कोई भरोसा या आश्वासन नहीं दिया। हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को समाप्त करने और संसद के आसपास स्थित हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने लिखा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ पहले विस्तार से मौखिक चर्चा हुई और बाद में लिखित ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की।
मंगलवार सुबह भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे और अपना विरोध जारी रखा। इससे पहले सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जंतर-मंतर से मंच और टेंट हटा दिए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी दोबारा वहां पहुंच गए।
CJP की ओर से आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद मंगलवार सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।