
JPSC JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच महान आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा के सबसे छोटे बेटे जयंत जयपाल सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़े होने आए हैं और चाहते हैं कि राज्य में भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष हों।
जयंत जयपाल सिंह ने कहा, "मैं यहां छात्रों का समर्थन करने आया हूं। यहां मौजूद हर व्यक्ति चाहता है कि हमारे समाज से घोटाले, रिश्वतखोरी और भाई-भतीजावाद जैसी बुराइयां खत्म हों। मुझे विश्वास है कि यह युवा पीढ़ी इस व्यवस्था को बदल सकती है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं अपनी जिंदगी के आखिरी वर्ष एक आजाद और निष्पक्ष झारखंड में बिताना चाहता हूं। अपने पिता के बेटे के रूप में मुझे गर्व है कि आज ये युवा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे हैं। वे एक नए दौर की शुरुआत चाहते हैं। मैं राज्य सरकार से अपील करता हूं कि वह उनकी बात गंभीरता से सुने।"
जयंत जयपाल सिंह ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रों का ही बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं जो भी सलाह दे सकता हूं, दूंगा। यह संघर्ष छात्रों का अपना संघर्ष है। इसमें किसी बाहरी व्यक्ति, उपद्रवी या असामाजिक तत्व को शामिल न होने दें। आंदोलन को इस तरह आगे बढ़ाएं कि झारखंड में अगले तीन, चार या पांच वर्षों में होने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष हों और हर योग्य छात्र को उसका लाभ मिल सके।"
रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता तालकेश्वर महतो ने कहा, "जब मैं यहां नहीं था, तब मुझे लगा कि यहां राजनीति हो रही है। लेकिन यहां आकर समझ में आया कि छात्र सरकार से बातचीत चाहते हैं और इस मुद्दे का जल्द समाधान चाहते हैं। वे JPSC परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं ताकि योग्य लोगों को नौकरी मिल सके।"
उन्होंने आगे कहा, "इन्हीं छात्रों ने हमें सत्ता तक पहुंचाया है। हम उन्हें नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी भावनाओं के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मुद्दे पर कई बार अपनी बात रख चुके हैं और छात्रों से बातचीत के लिए तैयार हैं।"