
नेहा बोरा । फोटो-(Karma Bhutia/PTI Photo)
JPSC-JSSC Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच, राजधानी रांची में एक विरोध मार्च के दौरान छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने की कोशिश कर रहे थे। तभी अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा पर काली स्याही फेंक दी। इस अचानक हुए हमले से विरोध स्थल पर अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद छात्र नेताओं ने तुरंत आरोपी को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के तुरंत बाद जब पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर जाने लगी, तब उसने मीडिया के कैमरों के सामने चिल्लाते हुए अपनी बात कही। उसके चेहरे पर पछतावे का कोई भाव नहीं था। हिरासत में लिए जाते समय आरोपी ने कहा, "उमर खालिद मुर्दाबाद, मुझे नेहा बोरा पसंद नहीं है। वह उमर खालिद की समर्थक है, इसीलिए मैंने उस पर स्याही फेंकी। मुझे किसी चीज की परवाह नहीं है। इन कुत्तों के बीच मैं एक शेर हूं। इन लोगों की कोई हैसियत नहीं है। ये सब गद्दार हैं।"
पुलिस अभी आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी राजनीतिक पार्टी या छात्र संगठन से जुड़ा है, या उसने दूसरों के कहने पर यह कदम उठाया है।
हमले और स्याही फेंके जाने की घटना के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने इस हरकत को विरोधी विचारधारा वाले लोगों की हताशा भरी चाल बताया। नेहा बोरा ने कहा, "BJP और RSS के जो लोग छात्रों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं, वही आज हम पर स्याही फेंक रहे हैं। ऐसी शर्मनाक हरकतें ठीक उस समय की जा रही हैं जब छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने समेत अपनी कई मांगों को लेकर विधानसभा तक मार्च कर रहे हैं।"
नेहा बोरा ने आगे पूछा, "क्या वे सोचते हैं कि थोड़ी सी स्याही से देश भर के छात्रों और युवाओं का आक्रोश दब जाएगा? हम उन्हें खुला चैलेंज देते हैं कि अगर यह उभरता हुआ छात्र आंदोलन आपकी नफरत की राजनीति की नींव नहीं हिला देगा, तो यह छात्र राजनीति के लिए कलंक होगा।" नेहा बोरा ने कहा कि जो लोग छात्रों की असली समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं और सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।
यह विरोध 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, OMR शीट में गड़बड़ी, पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं के विरोध में किया जा रहा है। राज्य भर के हजारों युवाओं और छात्रों का आरोप है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सिस्टम में भ्रष्टाचार होनहार छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है। विरोध कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द करना, CBI द्वारा पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों पर प्रतिबंध और JPSC व JSSC के कामकाज में बुनियादी सुधार शामिल हैं।
Updated on:
07 Aug 2026 04:08 pm
Published on:
07 Aug 2026 04:02 pm
