
खालिस्तान का झंडा। फाइल फोटो- पत्रिका
जालंधर। सोशल मीडिया पर शुक्रवार को एक वीडियो वायरल होने के बाद जालंधर ग्रामीण पुलिस ने गांव कोटला हेरां स्थित सरकारी हाई स्कूल में कथित रूप से खालिस्तान का झंडा फहराए जाने के दावे की जांच की। पुलिस के मौके पर पहुंचकर किए गए निरीक्षण में स्कूल परिसर में ऐसा कोई झंडा नहीं मिला। पुलिस के अनुसार अमेरिका में रह रहे नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा सात अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि थाना सदर नकोदर के अंतर्गत गांव कोटला हेरां के सरकारी हाई स्कूल में खालिस्तान का झंडा फहराया गया है।
जानकारी मिलते ही नकोदर सब-डिवीजन के डीएसपी ओंकार सिंह बराड़, थाना सदर नकोदर के एसएचओ और पुलिस टीम ने तत्काल स्कूल पहुंचकर पूरे परिसर का गहन निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान स्कूल परिसर में कहीं भी ऐसा झंडा नहीं मिला। पुलिस उपाधीक्षक ओंकार सिंह बराड़ ने कहा कि मौके पर की गई जांच में सोशल मीडिया वीडियो में किया गया दावा पुष्ट नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई का पता लगाने और कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले लोगों की पहचान के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और पुलिस की ओर से व्यापक जांच की जाएगी। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस मामले में जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जहां भी तिरंगा फहराएंगे, वहां विरोध किया जाएगा। उसने दावा किया कि लोगों पर जबरन आजादी का जश्न नहीं थोपा जा सकता। एसएफजे (सिख फॉर जस्टिस) की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें झंडा लहराता हुआ दिखाई दे रहा है। पन्नू ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि पंजाब में तिरंगा फहराने से बचना चाहिए। उसने यह भी कहा कि अगर प्रशासन या स्कूल प्रबंधन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए मजबूर करेगा, तो युवा इसका विरोध करेंगे।
Updated on:
07 Aug 2026 04:25 pm
Published on:
07 Aug 2026 04:25 pm
