
निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर। फाइल फोटो- पत्रिका
Kirshanu Sharda Arrested: प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित बिचौलिए किर्शानु शारदा को गिरफ्तार किया है। ईडी के अनुसार शारदा पर भुल्लर की ओर से रिश्वत मांगने और रकम लेने का आरोप है। विशेष अदालत ने आरोपी को सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय-1 ने शारदा को धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई भुल्लर के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। मामले की शुरुआती जांच सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ाई गई थी। इसमें भुल्लर, शारदा और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। ईडी ने कहा कि मूल मामले की जांच में पहली नजर में सामने आया कि भुल्लर ने कथित अवैध वसूली के लिए शारदा को माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसी के अनुसार शारदा लोगों से रिश्वत की रकम मांगने और उसे भुल्लर तक पहुंचाने में भूमिका निभाता था। जांच में रिश्वत से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है। ईडी के मुताबिक एक शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 5 लाख रुपए शारदा के जरिए लिए गए। आरोप है कि यह रकम एक आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को पुलिस की दखल के बिना स्क्रैप का कारोबार जारी रखने की अनुमति देने के लिए मांगी गई थी।
ईडी के अनुसार शारदा ने भुल्लर की ओर से रकम हासिल करने और उसे आगे पहुंचाने में मदद की। जांच के दौरान की गई तलाशी में 8.35 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अलावा बैंक और डाकघर के खातों तथा निवेशों में कुल 1.42 करोड़ रुपए की रकम को फ्रीज किया गया। एजेंसी ने बताया कि वित्तीय रिकॉर्ड और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच में कई ऐसे नकद जमा, निवेश और लेनदेन मिले हैं, जिनका स्पष्ट स्रोत सामने नहीं आया है। इनमें भुल्लर से जुड़े लेनदेन भी शामिल हैं। जांच में कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों की संभावित भूमिका के संकेत भी मिले हैं।
Updated on:
21 Sept 2026 07:21 pm
Published on:
21 Sept 2026 07:10 pm
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