
Neeraj Kumar on Jharkhand Student Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और रांची में उम्मीदवारों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। इस मामले पर अब जदयू के मुख्य प्रवक्ता और MLC नीरज कुमार ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है और साथ ही विपक्ष के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। नीरज कुमार ने कहा कि रांची में छात्रों का सड़कों पर उतरना JPSC परीक्षाओं में भारी गड़बड़ियों का स्पष्ट सबूत है। उन्होंने इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
रांची में चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि उम्मीदवारों के विरोध से साफ पता चलता है कि JPSC में गड़बड़ियां हुई हैं। सरकार ने भी अप्रत्यक्ष रूप से इसे स्वीकार किया है, जिसका प्रमाण झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों का अपने पदों से इस्तीफा देना है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह तत्काल पहल करे और शेष मुद्दों पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ सीधी बातचीत स्थापित करे।
नीरज कुमार ने आगे कहा कि एक विपक्षी दल के रूप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अपना पक्ष रखना जायज है, वहीं अहम सवाल यह है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं? उन्होंने उन पर तंज कसते हुए कहा कि 'INDIA' गठबंधन के ये प्रमुख नेता झारखंड में युवाओं के साथ हुए अन्याय और लाठीचार्ज के बारे में एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
नीरज कुमार ने शिक्षकों, विधायकों और मंत्रियों को वेतन न मिलने के बारे में तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में तीसरे स्थान पर खिसकने के बाद तेजस्वी यादव की मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है कि वे बिना किसी आधार के गैर-जिम्मेदाराना बातें करते हैं।
नीरज कुमार ने पूछा, "क्या राबड़ी देवी को उनका वेतन नहीं मिला? क्या खुद तेजस्वी यादव या उनके साथी विधायकों का वेतन रोका गया है?" उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षकों को नियमित रूप से वेतन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 'यूटिलाइज़ेशन सर्टिफिकेट' न मिलने के कारण होने वाली कोई भी तकनीकी देरी एक अलग प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।