
JPSC-JSSC Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के खिलाफ राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के 12वें दिन राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ औपचारिक बातचीत की पहल की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रांची के प्रशासनिक अधिकारी विरोध स्थल पर पहुंचे और छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बंद कमरे में चर्चा करने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ कोई भी चर्चा पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, जो केवल CCTV कैमरों या मीडिया की मौजूदगी में ही संभव है।
सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) कुमार रजत और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) धनंजय कुमार विरोध स्थल पर पहुंचे और छात्रों से शांतिपूर्ण बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। SDM कुमार रजत ने उम्मीदवारों से कहा, "राज्य सरकार आपसे बातचीत करना चाहती है और मैं उनके प्रतिनिधि के तौर पर यहां आया हूं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि बातचीत के लिए पांच सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाएं।"
SDM कुमार रजत ने विरोध कर रहे छात्रों को बताया कि बातचीत का संदेश सीधे मुख्यमंत्री की ओर से आया है। बैठक के लिए मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस (सर्किट हाउस) को जगह के तौर पर तय किया गया था। उन्होंने छात्रों को सुझाव देते हुए कहा, "बातचीत कर लीजिए, उसमें क्या नुकसान है? बातचीत के बाद आप अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।"
अधिकारियों के प्रस्ताव पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भले ही 12 दिन के आंदोलन के बाद सरकार आखिरकार जागी है, लेकिन हजारों उम्मीदवारों का भविष्य किसी बंद कमरे में होने वाली बैठक के नतीजों पर नहीं छोड़ा जा सकता। छात्र नेताओं ने अधिकारियों से कहा कि अगर खुली सार्वजनिक जगह पर बातचीत संभव नहीं है, तो पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बातचीत CCTV की निगरानी में और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए।
चुनाव प्रचार का उदाहरण देते हुए एक छात्र नेता ने कहा, "चुनाव के दौरान पांच साल के कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के बड़े-बड़े बैनर लगाए जाते हैं और मीडिया व मोबाइल प्लेफॉर्म पर खुलेआम प्रचार किया जाता है। यहां हजारों-लाखों युवाओं का करियर और जिंदगी दांव पर लगी है। ऐसे में हम बंद दरवाजों के पीछे बातचीत कैसे कर सकते हैं?"
SDM कुमार रजत ने बताया कि छात्रों ने सरकार के न्योते और अपनी शर्तों पर विचार करने के लिए समय मांगा है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे अपनी कोर टीम और विरोध कर रहे सभी उम्मीदवारों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अपना अंतिम फ़ैसला बताएंगे। हालात की गंभीरता को देखते हुए, रांची में विरोध-प्रदर्शन वाली जगह और आस-पास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।