
Jharkhand Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। इस बीच सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत का पहला दौर समाप्त हो गया है। छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार ने वार्ता के लिए केवल छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने की शर्त रखी है, जिसके चलते प्रतिनिधिमंडल की लिस्ट में बदलाव किया जा रहा है।
छात्र नेता राजेश कुमार ने बताया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और छात्र भी पहले से ही संवाद के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह शर्त रखी गई है कि प्रतिनिधिमंडल में केवल छात्र ही शामिल होंगे। कुछ नामों पर आपत्ति जताए जाने के बाद प्रतिनिधिमंडल की सूची में बदलाव किया जा रहा है। सूची अंतिम होने के बाद अगले चरण की बातचीत होगी।
प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे रांची के एडीएम धनंजय कुमार ने कहा कि प्रशासन लगातार छात्रों से मिल रहा है और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहा है।उन्होंने कहा कि अधिकारी बार-बार आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों का हालचाल जान रहे हैं और उनकी चिंताओं तथा उन्हें आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। अब तक हुई बातचीत इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रही है।
आंदोलन के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद उन्होंने कहा कि इससे आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे और पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में साधारण स्याही फेंकने जैसी घटना उन्हें डराने वाली नहीं है।
नेहा बोरा ने कहा कि झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में होने वाली सभी सरकारी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से आयोजित होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी परीक्षा में पेपर लीक होता है तो उसकी जिम्मेदारी केवल निजी एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती, बल्कि संबंधित सरकारी संस्थानों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।