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यूपी के कानपुर में हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड, बड़े नामों का सहारा लेकर रिटायर्ड शिक्षिका से की 1.57 करोड़ की ठगी

Kanpur Cyber Fraud: कानपुर में 1.57 करोड़ की साइबर ठगी। फेसबुक पर दोस्ती के जाल में फंसी रिटायर्ड महिला टीचर, जानिए कैसे हुआ पूरा फ्रॉड।

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Mar 18, 2026
Kanpur Cyber Fraud (Image: Gemini)

Kanpur Cyber Fraud: कानपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर हुई एक ऑनलाइन दोस्ती ने रिटायर्ड महिला टीचर की जिंदगी भर की जमापूंजी छीन ली। ठगों ने खुद को बड़े अंतरराष्ट्रीय नामों से जोड़कर ऐसा जाल बुना कि महिला धीरे-धीरे 1.57 करोड़ रुपये गंवा बैठीं।

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कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?

पीड़िता, कानपुर के चकेरी इलाके की रहने वाली हैं, को जनवरी 2025 में फेसबुक पर एक व्यक्ति का मैसेज आया। उसने खुद को मशहूर कारोबारी और टेक्नोलॉजी जगत की बड़ी हस्ती बताकर बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे भरोसा जीतने के बाद उसने एक इंटरनेशनल स्कूल प्रोजेक्ट में निवेश का प्रस्ताव दिया।

महिला को भरोसा दिलाया गया कि इस निवेश से उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा और परियोजना में एक अहम पद भी दिया जाएगा।

बड़े नामों का सहारा लेकर बनाया जाल

जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए। किसी ने खुद को विदेशी सिंगर बताया, तो किसी ने एक बड़े उद्योगपति के करीबी के तौर पर पहचान बनाई। इन सबने मिलकर महिला का विश्वास और मजबूत किया। धीरे-धीरे यह पूरा नेटवर्क एक सुनियोजित तरीके से महिला को पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित करता रहा।

एक साल में 1.57 करोड़ की ठगी

जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह रकम निवेश, प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य खर्चों के नाम पर मांगी गई थी।

जब महिला ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो ठगों ने दावा किया कि उनकी रकम बढ़कर 2.23 करोड़ रुपये हो गई है और उसे निकालने के लिए और पैसे जमा करने होंगे।

“रिफंड” के नाम पर फिर ठगी

ठगी यहीं नहीं रुकी। एक व्यक्ति ने खुद को रिकवरी एजेंट बताकर महिला से संपर्क किया और कहा कि पैसे कूरियर के जरिए भेजे जा चुके हैं। इसके नाम पर शिपिंग, कस्टम और अन्य शुल्क के बहाने और रकम मांगी गई।

बाद में एक तथाकथित लीगल एडवाइजर भी सामने आया, जिसने फर्जी दस्तावेज दिखाकर निवेश बढ़ने का झांसा दिया और और पैसे ऐंठने की कोशिश की।

पुलिस में शिकायत, जांच जारी

जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 19 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं और पूरे गिरोह का पता लगाने की कोशिश जारी है।

कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इसे सुनियोजित साइबर ठगी बताया। उन्होंने कहा कि कई लोग मिलकर इस तरह की वारदात कर रहे हैं और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सतर्क रहें। अगर कोई बड़ा मुनाफा या आकर्षक ऑफर दे, तो पहले उसकी सच्चाई जरूर पता कर लें।

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Published on:
18 Mar 2026 10:55 pm
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