
Karnataka Voter List: कर्नाटक में मंगलवार को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की फाइनल लिस्ट जारी की है। दरअसल, प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 115 दिन चली, जिसमें 99,32, 303 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अंबु कुमार ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंतिम वोटर लिस्ट के मुताबिक, सामान्य मतदाता सूची में 4,54,55,680 मतदाता दर्ज हैं, जबकि सेवा मतदाता सूची में 42,614 मतदाता हैं।
चुनाव आयोग द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक की मतदाता सूची में 2,25,50,493 पुरुष और 2,29,12,355 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 2,841 ट्रांसजेंडर मतदाता भी सूची में दर्ज हैं। राज्य में 44,322 सेवा मतदाता और 3,252 भारतीय नागरिकता रखने वाले प्रवासी मतदाता भी बताए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 5,65,340 दिव्यांग मतदाता हैं। वहीं, 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 6,83,364 युवा मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 3,92,134 मतदाता सूची में शामिल हैं।
| क्रम संख्या | विवरण | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | सामान्य मतदाता सूची में कुल मतदाता | 4,54,55,680 |
| 2 | पुरुष मतदाता | 2,25,50,493 |
| 3 | महिला मतदाता | 2,29,12,355 |
| 4 | ट्रांसजेंडर मतदाता | 2,841 |
| 5 | सेवा मतदाता (विवरण के अनुसार) | 44,322 |
| 6 | सेवा मतदाता (प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार) | 42,614 |
| 7 | भारतीय नागरिकता वाले प्रवासी मतदाता | 3,252 |
| 8 | दिव्यांग मतदाता | 5,65,340 |
| 9 | 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाता | 6,83,364 |
| 10 | 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता | 3,92,134 |
| क्रम संख्या | विवरण | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि | 115 दिन |
| 2 | मतदाता सूची से हटाए गए कुल नाम | 99,32,303 |
| 3 | नोटिस जारी किए गए लोगों की संख्या | 43,80,000 |
| 4 | जिन मामलों में सुनवाई पूरी नहीं हुई | 61,960 |
| 5 | फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आवेदन | 2,29,235 |
| 6 | फॉर्म-7 के जिन आवेदनों की जांच हुई | 1,88,324 |
| 7 | अपात्र मतदाताओं की संख्या | 1,091 |
| 8 | सुनवाई में उपस्थित नहीं होने वाले मतदाता | 184 |
| 9 | विदेशी नागरिकों एवं अवैध प्रवासियों की अनुमानित संख्या | 1,000 से कम |
| 10 | विदेशी नागरिकों एवं अवैध प्रवासियों के आधिकारिक आंकड़े | उपलब्ध नहीं |
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान करीब 43 लाख 80 हजार लोगों को नोटिस जारी किया गया। इनमें से 61,960 मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून में थोक में फॉर्म-7 जारी करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसी वजह से फॉर्म-7 का बड़े पैमाने पर स्वत: सृजन नहीं किया गया।
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत कुल 2,29,235 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,88,324 मामलों की जांच की गई और संबंधित नामों को मतदाता सूची से हटा दिया गया। आंकड़ों में 1,091 अपात्र मतदाताओं और सुनवाई में उपस्थित नहीं होने वाले 184 मतदाताओं का भी उल्लेख किया गया है।
अंबु कुमार ने दावा किया कि फॉर्म-7 के तहत आवेदन मिलने के बावजूद किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया गया है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन करने की सलाह दी गई है।
पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रपत्रों के तहत कुल 26,23,875 आवेदन मिले। इनमें नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 10,62,336 आवेदन, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए फॉर्म-6ए के 4,972 आवेदन, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के 2,29,235 आवेदन और मतदाता सूची में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के 13,27,432 आवेदन शामिल हैं।
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी सूची में शामिल विदेशी नागरिकों और अवैध प्रवासियों की संख्या के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि, उन्होंने अनुमान जताया कि ऐसे लोगों की संख्या 1,000 से कम हो सकती है।