Karnataka Political Crisis: सूत्रों का कहना है कि विधायकों के दो दल अलग-अलग उड़ानों में दिल्ली के लिए रवाना हुए। पहला दल 3.45 बजे की उड़ान और दूसरा दल 4.30 की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक कांग्रेस में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट फेरबदल की मांग को लेकर दो दर्जन से अधिक विधायक रविवार को दिल्ली कूच कर गए। ये विधायक दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल और प्रदेश मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला से मिलना चाहते हैं। दो से तीन बार चुनाव जीतने वाले ये विधायक पार्टी हाईकमान से मिलकर मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को कैबिनेट फेरबदल की अनुमति देने की मांग करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि विधायकों के दो दल अलग-अलग उड़ानों में दिल्ली के लिए रवाना हुए। पहला दल 3.45 बजे की उड़ान और दूसरा दल 4.30 की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। जो विधायक दिल्ली गए हैं, उनमें एस.एन. सुब्बारेड्डी (बागेपल्ली), सी. पुट्टरंगशेट्टी (चामराजनगर), हम्पनगौड़ा बदरली (सिंधनूर), डी. जी. शांतनगौड़ा (होन्नली), जे. टी. पाटिल (बिलगी), बसवराज शिवण्णा (ब्याडगी), ए. आर. कृष्णमूर्ति (कोलेगाल), प्रसाद अब्बय्या (हुब्बबल्ली-धारवाड़ पूर्व), यू. बी. बणकर (हिरेकेरूर), जी. एस. पाटिल (रोण), यशवंतराय गौड़ा पाटिल (इंडी), षडाक्षरी (तिप्तूर), टी. बी. जयचंद्र (सिरा), अशोक पट्टण (रामदुर्ग), एस. एन. नारायणस्वामी (बंगारपेट), लक्ष्मण सवदी (अथनी), अप्पाजी नाडगौड़ा (मुद्देबिहाल), रिजवान अरशद (शिवाजीनगर), प्रिय कृष्णा (गोविंदराजनगर), रमेश बंदीसिद्देगौड़ा (श्रीरंगपट्टण), वी. शिवण्णा (अनेकल), नरेंद्र स्वामी (मालवल्ली), विनय कुलकर्णी (धारवाड़), राघवेंद्र हित्नाल (कोप्पल) शामिल हैं।
योजना के अनुसार, ये विधायक दिल्ली में दो से तीन दिन तक डेरा डालेंगे और पार्टी हाईकमान से मिलकर कैबिनेट फेरबदल की मांग करेंगे। दरअसल, इन विधायकों ने पिछले माह सीएम सिद्धारमैया से मुलाकात कर कैबिनेट फेरबदल की मांग की थी। इन विधायकों ने मंत्री पद पर अपना दावा भी पेश किया।
वहीं, पहली बार चुनकर आए लगभग 35 वरिष्ठ विधायकों ने भी कम से कम 5 को मंत्री पद देने की मांग की है। सीएम सिद्धारमैया कैबिनेट में फेरबदल के पक्ष में हैं और कुछ मंत्रियों की जगह नए चेहरों को लाना चाहते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व में बदलाव पर फैसला करे।
माना जा रहा है कि यदि कांग्रेस आलाकमान कैबिनेट में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह इस बात का संकेत होगा कि सीएम सिद्धारमैया पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। यह शिवकुमार के लिए झटका होगा और इस बार उनके सीएम बनने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।