कर्नाटक में सीएम पद की खींचतान के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा- मैं अंतरात्मा की आवाज सुनता हूं, पार्टी को कमजोर या शर्मिंदा नहीं करूंगा।'
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच अंदरूनी कलह तेज है। इस बीच, शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है।
डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कहा- मैं अंतरात्मा की आवाज में विश्वास करता हूं। हमें अंतरात्मा की आवाज के अनुसार काम करना चाहिए। मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता।
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या मल्लिकार्जुन खरगे दिल्ली में राहुल गांधी से कर्नाटक में सत्ता सौंपने के बारे में बात करने वाले हैं तो इसके जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा- मुझे इस बारे में नहीं पता। यह हम पांच या छह लोगों के बीच की सीक्रेट बात है। मैं इसे नहीं बताऊंगा।
वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बारे में बोलते हुए शिवकुमार ने कहा- सीएम एक सीनियर लीडर हैं और हमारी पार्टी के लिए एक एसेट हैं।
उन्होंने कहा कि CM अगला बजट खुद पेश करेंगे। बहुत खुश हूं। उन्होंने विपक्ष के लीडर के तौर पर कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पार्टी बनाई है। हम सभी को मिलकर 2028 और 2029 के चुनावों के लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए।
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि लोग उनके सीएम बनने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, तो इसका जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा- 'अभी मेरे सत्ता में आने के लिए प्रार्थना करने के बजाय, मैं उन प्रार्थनाओं को नहीं भूल सकता जो मेरी मांओं, युवाओं और बुजुर्गों ने मंदिर के पुजारियों के लिए की थीं जब मैं जेल गया था। जब मैं भाजपा के समय में जेल से रिहा हुआ, तो लोगों ने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा स्वागत किया।
शिवकुमार ने आगे कहा- जब मैं जेल में था, तो पुलिस ऑफिसर भास्कर राव ने मुझे करावे नारायण गौड़ा के खिलाफ प्रोटेस्ट न करने की धमकी दी थी। कुछ स्वामीजी आए, कुछ नहीं आए। पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने चन्नपटना में एक अलग बयान दिया। बहुत से लोग हमारे घर आए, मेरी पत्नी और बच्चों से बात की, और मुझे हिम्मत दी। उस दिन लोगों ने मेरे लिए मन्नतें मांगी थीं।
डिप्टी सीएम ने आगे कहा- मैं आज भी उन मन्नतों को पूरा नहीं कर पा रहा हूं जो मैंने तब की थीं। बहुतों ने मेरे रिहा होने तक चप्पलें नहीं पहनीं। आज मैं उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रेसिडेंट हूं। मुश्किल समय में मैंने जो दुआएं कीं, उनसे मुझे सेल्फ-कॉन्फिडेंस मिला, जो मेरे लिए बहुत खास है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कुछ MLA दिल्ली गए हैं और उन्हें CM बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- जो लोग मिनिस्टर बनना चाहते हैं, वे चले गए हैं, मुझे सीएम बनाने की कोशिश के बारे में नहीं पता। मैंने उन्हें बुलाया नहीं है, मैंने उन्हें भेजा नहीं है। मैं यह सवाल नहीं करूंगा कि आप क्यों गए।