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बुरी तरह फंसे अनिल अंबानी, ED के बाद अब CBI की दबिश, लोन फ्रॉड मामले में पूरे घर और दफ्तर को खंगाला

मशहूर बिजनेसमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ रही हैं। ईडी की जांच के बाद अब सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 2,220 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी के घर और रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस पर छापेमारी की।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 26, 2026

अनिल अंबानी। (फोटो- ANI)

मशहूर बिजनेसमैन अनिल अंबानी की परेशानी बढ़ती जा रही है। ईडी के बाद अब सीबीआई ने अनिल के घर और रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस पर छापा मारा है। इस दौरान, उनका पूरा घर और दफ्तर खंगाला गया।

सीबीआई ने 2,220 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड केस में अनिल अंबानी के घर और रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस में तलाशी ली है।

ईडी के सामने पेश हुए अनिल

बता दें कि अनिल अंबानी आज यानी कि गुरुवार को अपने खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में शामिल होने के लिए दिल्ली में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के हेडक्वार्टर में पेश हुए।

अंबानी सुबह करीब 11 बजे जांच करने वालों के सामने पेश हुए ताकि उस मामले में अपना बयान दर्ज करा सकें जिसके लिए उन्हें पहले बुलाया गया था।

अनिल का घर अटैच

ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के कथित बैंक फ्रॉड मामले से जुड़ी अपनी चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में अनिल की मुंबई की पाली हिल रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी 'अबोड' को 3,716 करोड़ रुपये की कीमत पर अटैच कर लिया है।

ED की स्पेशल टास्क फोर्स (हेडक्वार्टर) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के नियमों के तहत प्रॉपर्टी अटैच की। इससे पहले, इस प्रॉपर्टी का 473.17 करोड़ रुपये का हिस्सा अटैच किया गया था।

अब तक क्या हुई कार्रवाई?

ग्रुप में अब तक कुल 15,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी अटैच हो चुकी हैं। ईडी ने सीबीआई की FIR के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड , अनिल अंबानी और दूसरों के खिलाफ जांच शुरू की थी।

ईडी ने कहा कि RCOM और उसकी ग्रुप कंपनियों ने घरेलू व विदेशी लेंडर्स से लोन लिया, जिसमें से कुल 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं।

पिछले साल भी स्टेटमेंट हुआ रिकॉर्ड

पिछले साल 5 अगस्त को, ईडी ने अंबानी के सामने रखे गए लोन ट्रांजैक्शन से जुड़े अलग-अलग पॉइंट्स पर उनका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया था।

फिर उन्होंने जरूरी डिटेल्स और सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स देने के लिए सात दिनों का समय मांगा। इसके बाद अनिल से कथित 17,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ की गई।