Senior IPS officer video row: वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारी ने कहा- मैं बेहद हैरान हूं। यह वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत है।
कर्नाटक में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. रामचंद्र राव का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रदेश में हडकंप मच गया है। वहीं इस घटना को लेकर सीएम सिद्धारमैया भी नाराज बताए जा रहे हैं। वीडियो में अधिकारी ड्यूटी के दौरान वर्दी में अपने दफ्तर में महिला के साथ अश्लील हकरतें करते हुए नजर आ रहे है।
बता दें कि रामचंद्र राव वर्तमान में नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (DCRE) के प्रमुख हैं। वायरल वीडियो में वह अपने कार्यालय के भीतर महिला के साथ कथित तौर पर किस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया।
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर के आवास पर पहुंचकर मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में रामचंद्र राव ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने कहा, “मैं बेहद हैरान हूं। यह वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मैं एक वकील से मिलकर झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वीडियो उनके ही कार्यालय में शूट किया गया है, तो उन्होंने कहा कि वह आठ साल पहले बेलगावी में तैनात थे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके बेलगावी कार्यकाल का इस वीडियो से क्या संबंध है।
बताया जा रहा है कि यह 47 सेकंड का वीडियो बिना तारीख का है और मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। वीडियो कई छोटे क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया बताया जा रहा है।
इस कथित घटना को लेकर व्यापक नाराज़गी देखी जा रही है, क्योंकि आरोप है कि यह सब एक सरकारी कार्यालय में, ड्यूटी के दौरान हुआ।
बता दें कि पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नाराज हो गए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। दरअसल, सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी रान्या राव के पिता होने के कारण यह मामला और भी चर्चाओं में हैं।
यह पहली बार नहीं है जब रामचंद्र राव सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले भी 2025 में चर्चा में आए थे, जब उनकी सौतेली बेटी और अभिनेत्री रान्या राव को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। रान्या राव फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं।
उस समय यह जांच भी शुरू की गई थी कि कहीं रामचंद्र राव सोने की तस्करी में उनकी मदद तो नहीं कर रहे थे। इसके चलते उन्हें अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया था। हालांकि, जांच में उन्हें क्लीन चिट मिलने के बाद दोबारा DGP (DCRE) के पद पर तैनात किया गया।