Karnataka Politics: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बीच सिद्धारमैया के इस्तीफे ने राजनीतिक माहौल को थोड़ा भावुक भी कर दिया है। मंत्री एमसी सुधाकर भावुक नजर आए और उन्होंने सिद्धारमैया के नेतृत्व व गरीबों के लिए किए कामों की सराहना की। वहीं डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना तेज हो गई है।
Siddaramaiah Resigned: सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति गर्म है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दिल्ली पहुंच कर कांग्रेस आलाकमान से भी मुलाकात की है। अब शनिवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाना है। हालांकि ये लगभग तय है कि डीके शिवकुमार ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इस बीच सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद से कई लोग भावुक भी हो गए। राज्य सरकार में मंत्री एमसी सुधाकर कैमरे के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया के इस्तीफे से हम सब दुखी हैं।
सिद्धारमैया के इस्तीफे से आहत सुधाकर ने कहा कि हम सब भावनाओं से भर गए थे। हम सबको गहरा दुख हुआ। लेकिन हम सब एक राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। सत्ता किसी के लिए भी हमेशा नहीं रहती। सिद्धारमैया के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि बहुत बढ़िया प्रशासन चलाया। चाहे पिछड़े वर्ग हों या दूसरे सभी समुदाय, उन्होंने सबको साथ लाने का काम किया। उन्होंने पूरे समाज का, खासकर गरीबों का ख्याल रखा, क्योंकि वे खुद गरीबी से ऊपर उठकर आए थे। जैसा कि उन्होंने खुद कहा था, उनसे पहले उनके परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं था। वे अपने परिवार में अकेले पढ़े-लिखे व्यक्ति थे। शायद उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि वे राज्य में इतनी ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। पिछले दो-तीन दिनों में जिस तरह से उन्होंने खुद को संभाला है, उसने आज के अक्सर बिगड़े हुए राजनीतिक माहौल में एक अनोखा रास्ता और दिशा दिखाई है। डी.के. शिवकुमार भी भावनाओं से भर गए थे। हम उन्हें कभी नहीं भूल सकते।"
अपने पोस्ट में मंत्री एमसी सुधाकर ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने सचमुच उन्हें राज्यसभा में भूमिका देने की पेशकश की है और पार्टी के भीतर उन्हें और जिम्मेदारियां देने का वादा किया है। हालांकि, अभी के लिए, सिद्धारमैया ने राज्य में ही रहने और हमारे साथ मिलकर काम करते रहने की इच्छा जताई है। वे हमारे साथ ही रहेंगे, और जब डी.के. शिवकुमार अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे, तो वे पार्टी और डी.के. शिवकुमार का साथ देंगे। वे सरकार को प्रभावी ढंग से चलाने में मदद करने के लिए अपने विशाल अनुभव को शेयर करेंगे और 2028 में कांग्रेस पार्टी को फिर से सत्ता में लाने की दिशा में काम करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सिद्धारमैया ने अपने बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग रखी है। आपको बता दें कि गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।