
Karnataka politics ED action: कर्नाटक के मंत्री सतीश जार्कीहोली ने बेंगलुरु में शनिवार को एक बड़ा दावा किया। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें पता है कि उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को शिकायत किसने दी है।
हाल ही में ईडी ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी। इस पूरे मामले को लेकर मंत्री ने मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को भी जानकारी दे दी है। हालांकि, जार्कीहोली ने शिकायत करने वाले का नाम नहीं बताया है।
मंत्री ने न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया कि वह व्यक्ति सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के अंदर से है या बाहर से। बस इतना कहा कि हर व्यक्ति को आरोप लगाने और शिकायत करने का अधिकार है।
मंत्री ने साफ कहा कि आगे आने वाले दिनों में वह इस जांच का सामना तथ्यों और दस्तावेजों के साथ करेंगे। कानूनी तरीके से ही इस मामले को सुलझाएंगे। हालांकि, इस जांच को लेकर कोई डर या घबराहट उनके बयान में नजर नहीं आई।
ईडी की छापेमारी के बाद से कर्नाटक की सियासत में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दल इसे लेकर हमला बोल रहे हैं तो सत्ताधारी पक्ष में भी कई सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि जार्कीहोली के परिवार और सहयोगियों से जुड़े 21 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तलाशी में 3.3 करोड़ रुपये का बेहिसाब नकदी मिला है। साथ ही डॉलर और यूरो जैसी विदेशी मुद्रा करीब 15 लाख रुपये की भी जब्त की गई है।
यह कार्रवाई 9 और 10 सितंबर को बेंगलुरु, बेलागवी, गोकक और कोलकाता में हुई। ईडी का कहना है कि मंत्री की बेटी प्रियंका जार्कीहोली (जो चिक्कोड़ी से सांसद हैं), बेटा राहुल जारकीहोली और बहन महादेवी मंजुनाथ के नाम पर अफ्रीका की कंपनियों में हिस्सेदारी के दस्तावेज मिले हैं। इनमें डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की एल्डोरैडो माइनिंग रिसोर्सेज और जाम्बिया की नवा ऑरम माइनिंग लिमिटेड शामिल हैं।
एजेंसी का दावा है कि खुद सतीश जार्कीहोली का कांगो की मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल नाम की गोल्ड माइनिंग कंपनी में करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है। ED ने बताया कि ये तलाशियां विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत की गईं।
आरोप है कि विदेश में निवेश के लिए अवैध तरीके से पैसे भेजे गए और कुछ निवेश बिना अनुमति के किए गए। मंत्री ने हालांकि साफ कहा कि निवेश अभी हुए नहीं हैं, सिर्फ अनुमति मांगी गई थी।