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ED Raid: कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री के 21 ठिकानों पर ED की रेड, विदेशी निवेश और अफ्रीकी कंपनियों के दस्तावेजों ने बढाई जांच

ED Raid On Satish Jarkiholi: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली के 21 ठिकानों पर ईडी की रेड से विदेशी माइनिंग कंपनियों, करोडों की नकदी और कथित रिश्वत कनेक्शन का मामला सामने आया है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 11 Sep 2026, 9:59 PM IST

Karnataka ED Raid On Satish Jarkiholi

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और मंत्री सतीश जारकीहोली (फोटो-IANS)

Karnataka ED Raid: कर्नाटक की राजनीति में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बडी कार्रवाई ने हलचल मचा दी है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके परिवार तथा करीबी सहयोगियों से जुड़े 21 ठिकानों पर हुई तलाशी में ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिन्होंने जांच को भारत से बाहर अफ्रीकी देशों तक पहुंचा दिया है। सबसे अहम बात यह है इस रेड के दौरान करोडों रुपए की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा और विदेशी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है।

किन-किन ठिकानों पर हुई रेड?

ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने बुधवार और गुरुवार को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत अघोषित विदेशी निवेश और सीमा पार कारोबारी संबंधों की जांच के लिए की गई। तलाशी मंत्री सतीश जारकीहोली के अलावा उनकी बेटी और चिक्कोडी सांसद प्रियंका जारकीहोली, बेटे राहुल जारकीहोली तथा अन्य रिश्तेदारों और सहयोगियों तक पहुंची। लेकिन जांच का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आया, जब विदेशी माइनिंग कंपनियों से संबंधों के दस्तावेज सामने आए।

कांगो-जाम्बिया कनेक्शन ने बढाया सस्पेंस

ईडी के अनुसार, जांच में जारकीहोली परिवार के सदस्यों की कई विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी के सुराग मिले हैं। इनमें कांगो की एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज और जाम्बिया की नवा ऑरम माइनिंग लिमिटेड जैसी कंपनियों का जिक्र सामने आया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सतीश जारकीहोली ने कांगो की कंपनी मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है, जो सोने की माइनिंग का काम करती है। अफ्रीका में खनन संपत्तियों से जुड़े अन्य विदेशी कंपनियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

नकदी, रिश्वत और टेंडर का लिंक

तलाशी के दौरान ईडी ने 3.3 करोड रुपए की बेहिसाब भारतीय नकदी और करीब 15 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा, जिसमें अमेरिकी डॉलर और यूरो शामिल हैं, जब्त करने का दावा किया है। जांच में एक प्राइवेट कंपनी भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड (BVEPL) की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि कंपनी ने पीडब्ल्यूडी विभाग में टेंडर हासिल करने के बदले कथित तौर पर रिश्वत दी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस रकम का इस्तेमाल विदेशी संपत्तियों और निवेश के लिए किया गया। ईडी का कहना है कि डिजिटल डिवाइस, वित्तीय दस्तावेज और कंपनियों के खातों से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।