राष्ट्रीय

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में बैठूंगा, जांच के आदेश के बिना नहीं लौटूंगा, SIR पर अड़े मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार

Election Commission: कर्नाटक में SIR को लेकर CM DK शिवकुमार ने कहा कि वह CEO दफ्तर में बैठेंगे और जांच के आदेश के बिना वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने फॉर्म 7 के जरिए वोटर नाम हटाने का आरोप लगाया है।
2 min read
DK Shivakumar
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार। फोटो- आईएएनएस

Karnataka SIR News:भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर उठ रहे सवालों के बीच अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर में बैठेंगे और जब तक चुनाव आयोग जांच के आदेश नहीं देता, वहां से वापस नहीं लौटेंगे। शिवकुमार ने फॉर्म 7 के जरिए बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने की शिकायतों की जांच की मांग की है।

CEO दफ्तर में बैठने का ऐलान

शिवकुमार ने कहा कि गुरुवार को कैबिनेट की बैठक है, लेकिन वह तब तक वापस नहीं आएंगे, जब तक चुनाव आयोग जांच के आदेश नहीं देता। उन्होंने कहा कि वह चुनाव अधिकारियों के सामने उन दस्तावेजों और जानकारियों को रखेंगे, जो अलग-अलग जगहों से जुटाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वोट चोरी और चुनावी अपराध के मामलों में FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेलगावी, भाल्की और दूसरी जगहों पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में कई FIR पहले ही दर्ज हो चुकी हैं।

फॉर्म 7 को लेकर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि BJP के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से बड़ी संख्या में फॉर्म 7 जमा किए गए हैं। उनके मुताबिक, इनका इस्तेमाल अल्पसंख्यक, गरीब और दलित मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने बड़ी संख्या में फॉर्म 7 छपवाए हैं।

शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनके सामने ऐसे दस्तावेज रखे हैं, जिनमें उनके विधानसभा क्षेत्रों में गलत तरीके से फॉर्म 7 दाखिल किए जाने की जानकारी है। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक जांच के साथ आपराधिक जांच की भी मांग की है।

50-60 लाख वोटरों के नाम हटाने की साजिश का आरोप

शिवकुमार ने BJP और JD(S) पर 50-60 लाख वोटरों के नाम हटाने की बड़ी साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाल्की, मुडीगेरे और नरसिंहराजा समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म 7 के जरिए नाम हटाने की कोशिशों की जानकारी सामने आई है। भाल्की से मंत्री ईश्वर खंड्रे, मुडीगेरे से नयना मोटम्मा और नरसिंहराजा से तनवीर सैत विधायक हैं।

1.08 करोड़ वोटर ASDDO सूची में

अगस्त में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर शिवकुमार ने बताया कि कर्नाटक की 5.54 करोड़ की मतदाता सूची में SIR के दौरान 1.08 करोड़ वोटरों को ASDDO श्रेणी में रखा गया था। इस श्रेणी में ऐसे लोग शामिल होते हैं जो घर पर नहीं मिले, दूसरी जगह जा चुके हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम को लेकर दूसरी वजह से जांच की जरूरत है।

Updated on:
01 Oct 2026 03:04 pm
Published on:
01 Oct 2026 03:04 pm