Kartarpur Sahib Corridor श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व के केंद्र सरकार की ओर से 20 महीने बाद खोले गए श्री करतारपुर कॉरिडोर के दौरान बुधवार को डेरा बाबा नानक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बने पैसेंजर टर्मिनल से 70 के करीब श्रद्धालु पहले जत्थे में पाकिस्तान से गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में दर्शन करेंगे।
नई दिल्ली। पाकिस्तान में स्थित सिखों के सबसे पूजनीय तीर्थस्थलों तक जाने के लिए करतारपुर साहिब गलियारे ( Kartarpur Sahib Corridor ) को खोल दिया गया। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह हैं। वहीं पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर को खोलकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दांव चला है।
ये गलियारा पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब ( Gurdwara Darbar Sahib ) और पंजाब ( Punjab ) के डेरा बाबा नानक मंदिर को जोड़ता है, जो सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का अंतिम विश्राम स्थल है।
पाकिस्तान स्थित श्री गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में दर्शन के लिए करतारपुर कारिडोर को फिर खोल दिया गया। छह यात्रियों का पहला जत्था डेरा नानक से कारिडोर होकर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के लिए रवाना हुआ।
इसके बाद श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला शुरू हो गया। कारिडोर से पाकिस्तान रवाना हो रहे श्रद्धालुओं को अधिकारियों ने सम्मानित भी किया।
कोरोना के कारण यह कारिडोर पिछले करीब 20 माह से बंद था। केंद्र सरकार ने मंगलवार को इसे 17 नवंबर से खोलने की घोषणा की थी।
कॉरिडोर के खुलने पर सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू सहित पंजाब की पूरी कैबिनेट गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में माथा टेकने जाएगी। आप भी करतापुर साहिब जा सकते हैं। इसके लिए एक खास प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।
ये है करतारपुर कॉरिडोर बुकिंग प्रक्रिया
- गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर https://prakashpurb550.mha.gov.in/kpr/ पर जाएं।
- निर्देश पढ़ने के बाद बुकिंग प्रक्रिया शुरू करें
- पृष्ठ के शीर्ष पर, 'ऑनलाइन आवेदन करें' के विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी राष्ट्रीयता और यात्रा तिथि चुनें, के बाद 'जारी रखें' के विकल्प पर क्लिक करें।
- फॉर्म का 'भाग ए' भरें, फिर 'सेव करें और जारी रखें' पर क्लिक करें।
- जब आप पूरे फार्म को भर लेंगे आपको एक पंजीकरण संख्या और फॉर्म की एक PDF मिलेगी।
- यात्रा की तारीख से तीन से चार दिन पहले, तीर्थयात्रियों को उनके पंजीकरण की पुष्टि करने वाला एक एसएमएस और एक ई-मेल मिलेगा।
- गुरु नानक जयंती के चलते करतारपुर कॉरिडोर की बुकिंग के लिए भारी भीड़ की उम्मीद
- तीर्थयात्रियों की सूची भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से दैनिक आधार पर जांच की जाती है।