तेलंगाना के सीएम केसीआर गैर कांग्रेसी विपक्षी दलों की एकजुता पर काम कर रहे हैं। इससे कांग्रेस काफी चिढ़ गई है। तेलंगाना कांग्रेस ने इसे टीआरएस और बीजेपी के बीच साँठगाठ का नाम दिया है।
तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव तेजी से वियपक्षी एकता मोर्चे पर काम कर रहे हैं। रविवार को इसी क्रम में उन्होंने कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद इन खबरों ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया कि दोनों ही बाइगैर कांग्रेस के विपक्षी एकता की रणनीति बना रहे हैं। ऐसे में तेलंगाना कांग्रेस ने अब केसीआर पर निशाना साधा है और कहा है कि बीजेपी ने उन्हें सुपारी दी है ताकि एक बार फिर से 2024 में मोदी सरकार बने।
रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने कहा, 'यदि केसीआर सच में बीजेपी को हराना चाहते हैं तो उन्हें NDA को कमजोर करने के लिए काम करना चाहिए और उसके सहयोगियों को तोड़ना चाहिए। लेकिन उनके सभी प्रयास कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए हैं ताकि वो भ्रष्टाचार के मामलों से बचे रहें।'
दरअसल, इन दिनों केसीआर विभिन्न राज्यों के राजनीतिक दलों के प्रमुखों से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन अपनी हर चर्चा से उन्होंने कांग्रेस को बाहर रखने पर जोर दिया है। कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का भी उन्हें साथ मिला।
विभिन्न नेताओं से चर्चा के दौरान कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने की बात भी शामिल रही। TRS के एक पदाधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि देश के लोग 'गैर कांग्रेसी' विकल्प के लिए तैयार हैं और बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकसाथ आना होगा। टीआरएस के इस कदम से कांग्रेस खासी चिढ़ी हुई है और वो केसीआर के कदम को कांग्रेस के खिलाफ देख रही है।
यही नहीं, रविवार को हैदराबाद में राव ने राष्ट्रीय पार्टी का ऐलान कर दिया। तेलंगाना सीएम के कार्यालय से बयान जारी कर कहा गया कि 'जल्दी, राष्ट्रीय पार्टी का गठन और नीतियां तैयार की जाएंगी।'