
Pinarayi Vijayan: केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) द्वारा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन समेत उनकी बेटी और दामाद पर FIR दर्ज करने के निर्देश के बाद सरकार के मंत्रियों के बयान सामने आने लगे हैं। इस पर केरल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि उनकी सरकार पिनाराई विजयन को दोषी मानती है।
के. मुरलीधरन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाई कोर्ट का फैसला अभी आया है। सरकार आज इस पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट आज शाम को मीटिंग करेगी। इस चर्चा के बाद इस पर कुछ कहा जा सकता है। आगे उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन को लगता है कि वह दोषी हैं। वहीं, इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का कहना है कि एडवोकेट जनरल की कानूनी राय पर कार्रवाई की गई थी।
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता के.एम. शाहजहां का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट अब पक्के नतीजे पर पहुंचा है। अब FIR दर्ज होगी और विजिलेंस से जांच करवानी होगी। उन्होंने पिनाराई से मांग की कि अब उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि अगर पिनाराई इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह सेंट्रल लीडरशिप की ड्यूटी है कि वह पिनाराई और उनके दामाद को उन पोस्ट से हटाएं जिन पर वे बैठे हुए हैं।
हाई कोर्ट के इस फैसले को लेकर CPI(M) के कई नेताओं का कहना है कि इससे न्याय नहीं मिला है। CPI(M) के स्टेट सेक्रेटेरिएट मेंबर पी. जयराजन ने कहा कि याचिकाकर्ता के.एम. शाहजहां की पटीशन ED के पॉलिटिकल गेम का हिस्सा है। शाहजहां एंटी-पिनाराई विजयन सिंडिकेट का हिस्सा है। उन्होंने शाहजहां पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही इंसान है, जिसने लवलीन केस में पिनाराई को परेशान करने की कोशिश की थी।
यह पूरा मामला रिश्वत और फर्जी भुगतान का है। इसमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी और दामाद शामिल हैं। 2017 से 2020 के बीच, जब पिनाराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री थे, एक कंपनी CMRL (कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड) ने पिनाराई की बेटी वीना की IT कंपनी Exalogic Solutions को लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये दिए। कंपनी का कहना था कि हमने सॉफ्टवेयर और कंसल्टेंसी के लिए पैसे दिए हैं। इस पर जांच एजेंसियों का कहना है कि कोई असली काम हुआ ही नहीं। सिर्फ कागजों पर लेन-देन दिखाया गया। असल में यह पैसे रिश्वत के रूप में दिए गए थे, जो पिनाराई विजयन तक पहुंचे।