Kerala name change: केंद्र सरकार आज केरल का नाम बदलकर “केरलम” करने के प्रस्ताव पर बड़ा फैसला ले सकती है। राज्य विधानसभा पहले ही इसके पक्ष में प्रस्ताव पारित कर चुकी है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद संवैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी।
Kerala name change: केरल का नाम बदलकर केरलम करने से जुड़े प्रस्ताव पर आज केंद्र सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। माना जा रहा है कि यूनियन कैबिनेट की मीटिंग में इस बिल को मंजूरी दी जा सकती है। राज्य में असेंबली चुनाव से पहले यह एक जरूरी राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
राज्य असेंबली पहले ही आधिकारिक तौर पर नाम बदलने के लिए प्रस्ताव पास कर चुकी है। केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव मई से पहले होने की संभावना है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों की घोषणा नहीं की है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 2024 में यह प्रस्ताव पेश किया था। उनका कहना है कि राज्य की स्थानीय भाषा मलयालम में प्रदेश को “केरलम” कहा जाता है, इसलिए संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में भी यही नाम दर्ज होना चाहिए।
25 जून 2024 को विधानसभा ने यह प्रस्ताव दूसरी बार पारित किया, क्योंकि गृह मंत्रालय ने पहली बार भेजे गए प्रस्ताव में कुछ तकनीकी संशोधन सुझाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही मलयालम देशी क्षेत्रों को एकजुट कर “केरलम” बनाने की मांग उठती रही है।
सीएम ने कहा कि संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा है। यह विधानसभा केंद्र से अनुरोध करती है कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत इसे 'केरलम' में संशोधित करने के लिए तत्काल कदम उठाए और संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं में इसका नाम बदलकर 'केरलम' कर दिया जाए।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कार्यालय परिसर सेवा तीर्थ में कैबिनेट की यह पहली बैठक हो रही है। इससे पहले 13 फरवरी को बैठक साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई थी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो संविधान संशोधन की प्रक्रिया के बाद राज्य का आधिकारिक नाम “केरलम” हो जाएगा।