Welfare: केरल की नई यूडीएफ सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर और बुजुर्गों के लिए देश का पहला समर्पित विभाग बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है।
UDF : केरल में नवगठित यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार ने सत्ता संभालते ही राज्य की जनता के लिए लोक-कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित नई कैबिनेट की पहली बैठक में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इस बीच, केंद्र सरकार ने भी राज्य के विकास के लिए हरसंभव मदद देने का भरोसा जताया है, लेकिन साथ ही केंद्रीय योजनाओं को सही तरीके से जमीन पर उतारने की नसीहत भी दी है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार चुनाव के दौरान दी गई 'UDF की गारंटी' को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि केरल का यह नया ट्रांसपोर्ट मॉडल जापान की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से प्रेरित है। राज्य सरकार जापान के इस सफल मॉडल का गहराई से अध्ययन कर रही है और इसे स्थानीय स्तर पर पूरी तरह अपनाने का लक्ष्य रखती है, ताकि महिलाओं का सफर न केवल मुफ्त हो बल्कि सुरक्षित और सुगम भी बने।
सरकार ने केरल की जनसांख्यिकी में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए एक और अभूतपूर्व कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित और अलग विभाग/मंत्रालय का गठन किया जाएगा। इस फैसले के साथ ही केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां बुजुर्गों के कल्याण के लिए एक स्वतंत्र मंत्रालय काम करेगा।
एक सभ्य और प्रगतिशील समाज की असली पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। केरल बुजुर्गों की देखभाल, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक आदर्श राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।"
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने केरल की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने सोमवार को कहा कि केरल में नई सरकार को केंद्र की ओर से विकास कार्यों के लिए पूरा समर्थन दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर 'आयुष्मान वयोजन' और 'पीएम श्री' जैसी महत्वाकांक्षी केंद्र प्रायोजित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।
जॉर्ज कुरियन ने केरल सरकार से सभी कल्याणकारी कार्यक्रमों के सुचारू और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। राज्य की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर के आंतरिक विरोध या आपसी खींचतान को शासन प्रणाली पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि आंतरिक कलह के कारण जनता के विकास कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर नहीं होनी चाहिए।
बहरहाल, केरल में नई कैबिनेट के इन शुरुआती फैसलों और केंद्र के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में राज्य में विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर राजनीति और तेज होने वाली है। अब देखना यह होगा कि नई सरकार इन वादों को जमीन पर कितनी जल्दी उतार पाती है।