केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को राज्य की सेकुलर परंपरा के खिलाफ बताया और नागरिकों से झूठे प्रचार को खारिज करने की अपील की।
फिल्म केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर रिलीज होते ही सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। ट्रेलर सामने आने के बाद से ही केरल राज्य की सेकुलर पहचान और धार्मिक सौहार्द को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अब केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का इस फिल्म को लेकर बयान सामने आया है। सीएम विजयन ने निर्देशक सुदीप्तो सेन की इस फिल्म को राज्य की धर्मनिरपेक्ष परंपरा के लिए खतरा बताते हुए कड़ा बयान जारी किया है।
मुख्यमंत्री विजयन ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह फिल्म केरल की सदियों पुरानी धार्मिक एकता को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा कि पहला भाग झूठ, नफरत और एंटी केरल प्रचार से भरा था, जिसे देश ने साम्प्रदायिक मंशा वाला माना। विजयन के अनुसार, दूसरी कड़ी जबरन धार्मिक रूपांतरण की घटनाओं को दिखाने का दावा करती है, लेकिन इससे समाज में विभाजन बढ़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाज में जहर घोलने वाली ऐसी कृतियों को सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति क्यों दी जाती है।
विवाद का एक बड़ा बिंदु फिल्म में इंटरफेथ विवाहों का चित्रण है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आपसी सहमति से हुए विवाहों को भी साम्प्रदायिकता और जबरन धर्म परिवर्तन के उदाहरण के रूप में दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे सामाजिक विश्वास को ठेस पहुंचती है और विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास का माहौल बन सकता है। विजयन ने यह भी कहा कि केरल ऐसा राज्य है जहां साम्प्रदायिक दंगे नहीं होते और यहां पारस्परिक सम्मान की मजबूत परंपरा है। ऐसे में बाहरी ताकतें राज्य की शांति भंग करने की कोशिश कर रही हैं।
केरल स्टोरी का पहला भाग सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बना था और इसमें अदा शर्मा, सोनिया बलानी, योगिता बिहानी और सिद्धि इदनानी मुख्य भूमिकाओं में थीं। विवाद और कुछ स्थानों पर प्रतिबंध के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी और नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर तथा बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के सम्मान भी जीते थे। अब केरल स्टोरी 2 में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी। यह फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है।