केरल के त्रिशूर के मुंडाथिकोडे में पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट, 6 मजदूरों की मौत और कई घायल। जानें कैसे हुआ यह हादसा?
Kerala Blast News: केरल के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोडे इलाके में सोमवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब प्रसिद्ध त्रिशूर पूरम उत्सव के लिए पटाखों की तैयारी चल रही थी। प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं और बचाव कार्य जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट शाम करीब 4 बजे उस समय हुआ जब यूनिट में पटाखों के सैंपल तैयार किए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि परिसर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जिसमें आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत फैल गई और कई लोगों ने इसे पहले भूकंप समझ लिया। विस्फोट के बाद आसमान में घना धुआं छा गया और आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं।
अधिकारियों ने अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, 17 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। घायलों को त्रिशूर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय यूनिट में करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कुछ लोग मौके से भागने में सफल रहे, जिससे मृतकों की संख्या और अधिक होने की आशंका फिलहाल कम हुई है लेकिन घायलों की स्थिति को देखते हुए संख्या बढ़ भी सकती है।
विस्फोट के बाद पुलिस, दमकल और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि, साइट पर मौजूद बिना फटे विस्फोटक (अनएक्सप्लोडेड मटेरियल) के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
पूरा इलाका घेर लिया गया है और आम लोगों को वहां जाने से रोक दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र से दूर रहें।
यह हादसा त्रिशूर पूरम उत्सव की तैयारियों के बीच हुआ है, जो केरल के सबसे बड़े और प्रसिद्ध मंदिर उत्सवों में से एक है। विस्फोट उस यूनिट में हुआ जहां थिरुवंबाडी पक्ष के लिए पटाखों की तैयारी की जा रही थी।
फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं सुरक्षा मानकों में लापरवाही तो नहीं हुई है।