
Ketan Murder Case Lohagad Fort: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोहागढ़ किला एक बार फिर चर्चा में है। वजह है- पब्लिक उस जगह को देखना चाहती है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार, पहले छुट्टियों के दिनों में जहां लगभग 1,000 पर्यटक लोहागढ़ किले पर आते थे। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब 1,500 तक पहुंच गई है। इसी तरह वीकडेज में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, जो पहले लगभग 400 होती थी अब वह बढ़कर 600 से ज्यादा हो गई है।
बता दें लोहागढ़ किला 10वीं सदी का ऐतिहासिक किला है। इसका संबंध छत्रपति शिवाजी महाराज के समय से भी जुड़ा हुआ है। यह एक लोकप्रिय ट्रेकिंग डेस्टिनेशन है। साथी ही ये यूनेस्को से मान्यता प्राप्त स्थलों में भी है। लेकिन अब यहां आने वाले कई पर्यटक इतिहास या ट्रेकिंग के लिए नहीं बल्कि उस घटना की वजह से पहुंच रहे हैं जिसमें केतन अग्रवाल की मौत हुई थी।
कई पर्यटकों ने बताया कि वे विशेष रूप से उस जगह को देखने आए हैं। जहां पर यह घटना हुई थी। एक पर्यटक ने कहा कि वे मूल रूप से किसी अन्य ट्रेक के लिए निकले थे। लेकिन इस मामले की चर्चा के कारण वे लोहागढ़ पहुंच गए। वहीं एक अन्य पर्यटक ने कहा कि हाल की खबरों ने उनकी क्यूरिसिटी बढ़ा दी है। इसलिए वे खुद उस जगह को देखना चाहते थे। वहीं कुछ पर्यटकों ने कहा कि घटना बहुत दुखद है। वो सावधानी बरतने की बात भी कह रहे हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक, 18 जून की सुबह केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले पर पहुंचे थे। आरोप है कि यहां पहले से मौजूद चेतन चौधरी ने तय इशारे के बाद केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था लेकिन बाद में पुलिस जांच में इसे एक साजिशन हत्या बताया गया।