राष्ट्रीय

CWC मीटिंग में कांग्रेस ने आगामी चुनावों को लेकर भी जताई चिंता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, SIR प्रक्रिया और पारदर्शिता की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र जांच की मांग की।
2 min read
• •
Sep 29, 2026
Kharge attacks Election Commission
CWC मीटिंग में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी (Photo-IANS)

Congress CWC Meeting: दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के बड़े नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सीईसी मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं और उन्होंने उन्हें सरकार की कठपुतली तक करार दिया।

मोदी सरकार ने लोकतंत्र को किया कमजोर- खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव को सुनियोजित और साजिश के तहत कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में पारदर्शिता का अभाव है।

अंबेडकर के बयान का हवाला

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में संविधान सभा की बहसों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने सार्वभौमिक मताधिकार को लोकतंत्र का सबसे बुनियादी तत्व माना था।

'संरक्षक ही वोटों का लुटेरा बन गया'

इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की भूमिका भी सवाल उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में गरीब और वंचित वर्गों की आवाज सुनिश्चित करने के लिए सार्वभौमिक मताधिकार बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि संरक्षक ही भक्षक बन गया है। संविधान ने जिस व्यक्ति को जनता के वोट का संरक्षक बनाया, वही उन वोटों का लुटेरा बन गया है।

SIR को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर भी चुनाव आयोग से सवाल किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को कमजोर करना नहीं, बल्कि उसे इतना मजबूत और विश्वसनीय बनाना है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उसके फैसलों पर समान रूप से भरोसा कर सकें।

उन्होंने सवाल उठाया कि SIR का फैसला किसने लिया? दो चुनाव आयुक्तों को कथित तौर पर इंटरनल पोर्टल से बाहर क्यों रखा गया? क्या इसके पीछे कोई गोपनीय प्रक्रिया थी?

कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर पार्टी की पांच प्रमुख मांगें भी सामने रखीं।

1- मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।

2- जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और अपील का अवसर मिले।

3- राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़े जरूरी डेटा समय पर सरल प्रारूप में उपलब्ध कराया जाए।

4- गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।

5- चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को सूचना छिपाने का आरोप लगाने का अवसर न मिले।

2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर चिंता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 2027 में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी मतदाता के अधिकार का उल्लंघन न हो।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति का वोट सुरक्षित रहे और चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों, ताकि आम लोगों का चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।

Updated on:
29 Sept 2026 02:14 pm
Published on:
29 Sept 2026 01:30 pm