Government intervention Airfare: हज यात्रा के हवाई किराए में बढ़ोतरी पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान, सरकार के हस्तक्षेप से किराया कम किया गया, सोशल मीडिया आलोचना और व्यवस्थाओं पर भी दी सफाई।
Kiren Rijiju on Haj Yatra: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को हज यात्रा को लेकर हवाई किराए में बढ़ोतरी पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बाद एयरलाइंस द्वारा प्रस्तावित मूल बढ़ोतरी को काफी हद तक कम करने के लिए केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण विमानन कंपनियों की परिचालन लागत में भारी वृद्धि हुई थी। इसी वजह से एयरलाइंस ने शुरू में किराए में काफी अधिक बढ़ोतरी की मांग की थी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर पत्र लिखकर पूछा था कि हज का किराया 100 डॉलर क्यों बढ़ाया गया है? हर कोई जानता है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव के बाद एयरलाइंस ने 400 डॉलर की बढ़ोतरी का अनुरोध किया था। उन्होंने हज यात्रियों के हवाई किराए में 400 डॉलर की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। हम नहीं चाहते कि गरीब यात्री आर्थिक तंगी के कारण हज पर न जा पाएं। इसलिए मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरलाइन कंपनियों के साथ बातचीत कर शुल्क को 400 डॉलर से घटाकर 100 डॉलर कर दिया। इस प्रकार, भारतीय हज समिति के माध्यम से जाने वाले यात्रियों के किराए में केवल 100 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि निजी ऑपरेटरों के लिए यह बढ़ोतरी 150 डॉलर है।'
इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'किसी ने सऊदी अरब से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें प्लंबिंग की समस्या दिखाई गई थी और बाथरूम का टॉयलेट ओवरफ्लो हो रहा था। इसे सोशल मीडिया पर डालकर सरकार को दोष दिया गया, जो सही नहीं है। ऐसी समस्याओं का तुरंत समाधान कर दिया जाता है। यह भी समझना चाहिए कि सऊदी अरब की व्यवस्था भारत से अलग है। यहां आप सरकार की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन वहां एक तय प्रणाली है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारे अधिकारी और सऊदी अरब में स्थित भारतीय मिशन, जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों से समन्वय कर हर समस्या का समाधान करते हैं। यदि शिकायतें सीधे सोशल मीडिया पर डाली जाएंगी, तो इससे सऊदी अधिकारी नाराज हो सकते हैं। वहां शिकायतों के लिए एक निर्धारित व्यवस्था है, उसी के तहत समस्याएं रखनी चाहिए। यह मुद्दा राजनीति से जुड़ा नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'हज एक पवित्र तीर्थयात्रा है। हर गरीब मुसलमान अपने जीवन में कम से कम एक बार हज पर जाना चाहता है। हम इस सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। जहां तक छह मौतों का सवाल है, उनमें से तीन इमिग्रेशन तक पहुंचने से पहले ही कार्डियक अरेस्ट के कारण हुईं। इसमें हमारी कोई गलती या लापरवाही नहीं है।”