
TMC Symbol Row: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह 'जोड़ा फूल' को लेकर निर्वाचन आयोग के फैसले पर देश का सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गए 'पार्टी चोरी' के आरोपों पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दरअसल उस भस्मासुर की तरह है, जिसके संपर्क में जो भी दल या गठबंधन आता है, वह भस्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि जो बातें और आरोप राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झांककर अपनी पार्टी पर लगाने चाहिए, वे बेबुनियाद तरीके से भारतीय जनता पार्टी पर मढ़ रहे हैं।
राहुल गांधी को उनकी पार्टी के इतिहास की याद दिलाते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और NCP का गठन कांग्रेस पार्टी के भीतर तानाशाही और आपसी फूट के कारण ही हुआ था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि ममता बनर्जी कांग्रेस से अलग हो गई थीं। शरद पवार ने भी सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर सवाल उठाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस खुद टूट-फूट से बनी है और अपने सहयोगियों को बर्बाद करने का काम करती रही है।
किरेन रिजिजू ने इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1963 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को तोड़कर अशोक मेहता को योजना आयोग का उपाध्यक्ष पद देकर कांग्रेस में मिलाया गया था। 1959 में सी. राजगोपालाचारी और प्रोफेसर एन. जी. रंगा द्वारा शुरू किए गए स्वतंत्र दल को 1971 के आम चुनाव के बाद तोड़ा गया। 1969 के राष्ट्रपति चुनाव में खुद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार को हरवा दिया और सिंडिकेट को तोड़ा।
क्षेत्रीय पार्टियों और राज्य सरकारों को अस्थिर करने के उदाहरण देते हुए किरेन रिजिजू ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमज़ोर करने के लिए फारूक अब्दुल्ला के बहनोई जी.एम. शाह के नेतृत्व में 12 विधायकों को तोड़ लिया गया था। बिहार में कांग्रेस ने जननायक कर्पूरी ठाकुर का राजनीतिक कद घटाने के लिए गुटबाजी को बढ़ावा दिया।
किरेन रिजिजू ने केंद्र की गैर-कांग्रेसी सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि 1977 में समर्थन के वादों के बावजूद चरण सिंह की सरकार संसद का सामना करने से पहले ही गिरा दी गई थी। इसी तरह 1997-98 में तीसरे मोर्चे के दौरान पहले एच.डी. देवेगौड़ा और बाद में आई.के. गुजराल के नेतृत्व वाली सरकारों से कुछ ही महीनों में समर्थन वापस ले लिया गया था। इसके अलावा, 1980 में हरियाणा में भजन लाल की पूरी जनता पार्टी सरकार का कांग्रेस में विलय और आंध्र प्रदेश में एन.टी. रामाराव की सरकार के खिलाफ अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) का दुरुपयोग जगजाहिर हैं।
बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर किरेन रिजिजू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी एक परिवार की निजी संपत्ति नहीं है। यह एक लोकतांत्रिक पार्टी है जहां एक साधारण कार्यकर्ता भी अपनी काबिलियत, विजन और समर्पण के दम पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है और देश का नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP साजिशों या गंदी राजनीतिक चालों से नहीं, बल्कि लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि कांग्रेस को एनडीए पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में BJP और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने लिखा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस, हर बार एक ही तरीके से BJP और चुनाव आयोग मिलकर किसी पार्टी को तोड़ते हैं। इसके बाद, उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है। अगर पूरी पार्टी ही चोरी की जा सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोटों की चोरी कोई हैरानी की बात नहीं है।
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनता के जनादेश की रक्षा करना है। इसके बजाय वह उन ताकतों की मदद कर रहा है जो जनता के फैसले को पलट देती हैं। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, यह हर उस राजनीतिक दल और हर उस वोटर की लड़ाई है जो निष्पक्ष चुनाव चाहता है।