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दलबदल मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र की विधायकी रद्द

Danam Nagender Disqualification: बीजेपी विधायक महेश्वर रेड्डी और बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, तेलंगाना हाई कोर्ट ने दलबदल विरोधी कानून के तहत खैरताबाद के विधायक दानम नागेंद्र को अयोग्य घोषित कर दिया है। कोर्ट ने इस सीट को खाली घोषित कर दिया है।
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Telangana High Court Danam Nagender Disqualification

खैरताबाद से विधायक दानम नागेंद्र (फाइल फोटो)

Telangana High Court: दलबदल विरोधी कानून को लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट की एक डिवीजन ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए खैरताबाद के विधायक दानम नागेंद्र को उनके निर्वाचन की तिथि से ही अयोग्य घोषित कर दिया है। चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की बेंच ने यह आदेश पारित करते हुए खैरताबाद विधानसभा सीट को तुरंत प्रभाव से खाली घोषित कर दिया। कोर्ट ने दानम नागेंद्र की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी।

बीजेपी और बीआरएस विधायकों ने दायर की थी याचिका

यह फैसला बीजेपी विधायक दल के नेता अल्लेटी महेश्वर रेड्डी और हुजुराबाद से बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर आया है। दोनों नेताओं ने विधानसभा स्पीकर जी. प्रसाद कुमार के फैसले को चुनौती दी थी, जिन्होंने पहले दानम नागेंद्र के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया था। स्पीकर के फैसले को पलटते हुए हाई कोर्ट ने दलबदल विरोधी प्रावधानों के तहत दानम नागेंद्र की सदस्यता खत्म कर दी।

बीआरएस से जीतने के बाद कांग्रेस से लड़ा चुनाव

दानम नागेंद्र 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीआरएस टिकट पर खैराताबाद निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद मार्च 2024 में वे कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने न तो BRS पार्टी से औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया और न ही अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़ी, बल्कि BRS विधायक रहते हुए ही उन्होंने कांग्रेस के आधिकारिक टिकट पर 2024 का सिकंदराबाद लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि वे लोकसभा चुनाव हार गए, लेकिन इसके बाद बीआरएस और भाजपा ने 10वीं अनुसूची के तहत उनकी विधायकी रद्द करने की मांग तेज कर दी थी।

नामांकन दाखिल करने की तारीख से सदस्यता रद्द

दानम नागेंद्र के कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने के फैसले के कारण ही उनके खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि BRS टिकट पर चुने जाने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना दलबदल विरोधी कानून का खुला उल्लंघन है। स्पीकर के आदेश को कानून के खिलाफ पाते हुए, हाई कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया और दानम नागेंद्र की सदस्यता उस तारीख से खत्म कर दी, जिस दिन उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करके चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।

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