
ममता बनर्जी। (फोटो-IANS)
TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ममता बनर्जी ने कहा कि आज भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर कई सवाल उठाए और इसे असंवैधानिक, गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक पदों का अनादर नहीं करती, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम को लेकर उन्हें गंभीर आपत्ति है। उन्होंने दावा किया कि पहले ही यह कहा गया था कि पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह दोनों नहीं रहने दिए जाएंगे।
ममता बनर्जी ने कहा कि हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे उन्होंने असंवैधानिक, गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक बताया। ममता ने इसे एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की गई पक्षपाती बदले की कार्रवाई भी कहा। उन्होंने आगे कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए। ममता ने कहा कि आज जो लोग सत्ता में हैं, वे हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे।
ममता बनर्जी ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में वोटों को लेकर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने बीजेपी के लिए ‘झूठा बीजेपी पार्टी’ और ‘जुमला पार्टी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी का उद्देश्य देश में लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है। उन्होंने पत्रकारों को लेकर भी दावा किया कि जो लोग सरकार के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। ममता ने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना विवाद से भी की।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस में जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने पार्टी के दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। इस गुट को ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिन्ह मिला है। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। इस गुट को ‘एनवेलप’ यानी लिफाफा चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
Updated on:
18 Sept 2026 05:03 pm
Published on:
18 Sept 2026 04:36 pm
