
Kolkata Pandal Stampede : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम हुई भगदड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग इलाकों के लोग भी शामिल हैं। पानिहाटी की रहने वाली 46 वर्षीय कल्पना इस हादसे में जान गंवा बैठीं। वह शनिवार शाम अपने बेटे और दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन करने निकली थीं।
इस दौरान उनका बेटा बाल-बाल बच गया, लेकिन कल्पना की मौत हो गई। बंगाली न्यूज18 के मुताबिक कल्पना जाना पानिहाटी के अश्विनी दत्त रोड स्थित एक आवासीय परिसर में रहती थीं। उनकी मौत की खबर पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक छा गया। परिजनों ने हादसे के लिए पूजा समिति के पदाधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने कहा कि मैं कल्पना जाना के परिवार के सदस्यों से मिली। उनका बेटा घर पर है, जबकि परिवार के बाकी सदस्य अस्पताल गए हुए हैं। यह बेहद दुखद घटना है। पूजा पंडाल के आयोजकों की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। पुलिस की ओर से भी लापरवाही हुई है। जहां से लोगों को बाहर निकलना था, वहां घना अंधेरा था। बारिश के दौरान भीड़ की अफरा-तफरी में यह हादसा हुआ। लोग एक-दूसरे के पैरों तले कुचल गए। बचावकर्मी उन्हें वहां से निकाल रहे थे। पंडाल गिरने से पहले फैली एक अफवाह के कारण यह घटना हुई।
चोराबागान भगदड़ में उत्तर 24 परगना जिले के कई लोगों की भी मौत हुई है। मृतकों में घोला थाना क्षेत्र के उत्तर योगेंद्रनगर की 21 वर्षीय प्रिया समाद्दार, न्यूटाउन की तानिया विश्वास और अगरपाड़ा के 13 वर्षीय प्रांजल सरकार शामिल हैं। तानिया अपनी दो सहेलियों के साथ दुर्गा पूजा देखने निकली थीं, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में उनकी जान चली गई। मां दुर्गा के दर्शन करने निकले इन लोगों की मौत से उनके परिवार और आसपास के लोग सदमे में हैं। त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
शनिवार को सप्तमी की शाम चोरबागान पूजा पंडाल में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए लोगों की आवाजाही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी बीच पंडाल के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग कुचल गए।