
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में सत्ता जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बुरे दिन शुरू हो गए है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पार्टी में टूट के बाद अब ममता के करीबी और कोलकाता के मेहर फिरहाद हकीम ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी के सदस्य हकीम ने पहले ही पद छोड़ने की इच्छा जताई थी और इसके बारे में पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को जानकारी भी दी थी।
टीएमसी नेता कुणाल घोष के अनुसार, पूर्व सीएम ममता ने हकीम के इस्तीफे पर सहमति जताई है। इसके बाद फिरहाद हकीम से मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। फिरहाद हकीम टीएमसी के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनका मेहर पद से इस्तीफा देना ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिरहाद करीम के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी की प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि दावत-ए-इस्लामी के मुख्य संरक्षक फिरहाद हकीम ने कभी पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बनाने की बात की थी। उर्दू को राज्य की मुख्य भाषा बनाने की वकालत करने वाले कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।
कोलकाता के मेयर का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी के हाथ से पार्टी की फिसलती नजर आ रही है। ममता बनर्जी ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के तौर पर नामित किया गया था। उनके इस फैसले से पार्टी में दरार आ गई। टीएमसी के 80 में से 60 विधायकों ने पाटी से किनारा कर लिया। इसके बाद टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी ने 58 विधायकों के सपोर्ट से खुद को असली टीएमसी बताया। इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने भी मान्यता दे दी।
बुधवार को ही ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर ED की चार टीमें पहुंच गई हैं। ईडी मनी लॉड्रिंग और कथित प्राइमरी शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची है। ED ने अभिषेक को 15 जून को पेश होने के लिए समन भी भेज दिया है।