
Kolkata Stampede: बिहार के कैबिनेट मंत्री राम कृपाल यादव ने कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक, दिल दहला देने वाला और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि त्योहार के माहौल में लोगों की जान जाना पूरे देश के लिए एक बड़ा सदमा है। इसके साथ ही, तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए राम कृपाल यादव ने आरोप लगाया कि TMC के शासन में हिंदू समुदाय और सनातन धर्म के अनुयायी अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए भी स्वतंत्र नहीं थे।
राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों ने ही इस त्रासदी का गंभीरता से संज्ञान लिया है। पीड़ितों और घायलों को तत्काल सहायता और राहत पहुंचाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने और त्योहार के बाकी दिनों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन में इस तरह की घटनाएं नहीं होने के दावे पर भी राम कृपाल यादव ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या टीएमसी के दौर में सनातनियों और हिंदुओं को स्वतंत्रता से दुर्गा पूजा करने की छूट थी? उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के दौरान केवल एक खास वर्ग और विशिष्ट समुदाय के लिए ही व्यवस्थाएं की जाती थीं, जबकि सनातन धर्म के लोगों को लगातार हतोत्साहित किया जाता था।
राम कृपाल यादव ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद ही, लोग अब पूरी आजादी, गरिमा और आत्म-सम्मान के साथ अपने धर्म और आस्था का पालन कर पा रहे हैं।
राम कृपाल यादव ने SIR के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद अराजकता फैलाना, कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना और विकास कार्यों में बाधा डालना है, ताकि मोदी सरकार को अस्थिर किया जा सके। राम कृपाल ने दावा किया कि देश भर की जनता द्वारा नकारे जाने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पूरी तरह से हताशा में ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि अब उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।