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अवैध होर्डिंग हटाने पहुंची पुलिस से भिड़े अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन समेत कई TMC नेताओं पर FIR

कोलकाता में अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर विवाद के बाद टीएमसी नेताओं डेरेक ओब्रायन, अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने काम में बाधा डालने और उनके साथ मारपीट के आरोप लगाए हैं।
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Aug 28, 2026
Abhishek Banerjee latest news
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी (Photo- ANI)

कोलकाता में अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओब्रायन, अभिषेक बनर्जी और बैसानेर चट्टोपाध्याय समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला 27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट स्थित 9 नंबर की इमारत के पास हुई कथित झड़प से जुड़ा है।

क्या है पुलिस का आरोप?

पुलिस का आरोप है कि होर्डिंग हटाने पहुंची टीम को नेताओं और उनके समर्थकों ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई।

अवैध होर्डिंग हटाने पहुंची थी टीम

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम ने 9, कैमक स्ट्रीट पर लगे एक अनधिकृत होर्डिंग को हटाने के लिए पुलिस से मदद मांगी थी। नगर निगम की लिखित अपील के बाद 27 अगस्त को शेक्सपियर सरणी थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।

नगर निगम के अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद टीएमसी नेताओं और उनके समर्थकों के साथ विवाद शुरू हो गया। पुलिस का कहना है कि भीड़ ने अधिकारियों को अपना काम करने से रोका।

नेताओं पर लगाया गया गंभीर आरोप

पुलिस के मुताबिक, डेरेक ओब्रायन, अभिषेक बनर्जी, बैसानेर चट्टोपाध्याय और अन्य लोगों ने समर्थकों के साथ मिलकर ऐसी स्थिति बनाई, जिसे पुलिस ने गैरकानूनी जमावड़ा बताया है।

आरोप है कि इस भीड़ ने पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों के काम में बाधा डाली। पुलिस ने मामले में ड्यूटी कर रहे अधिकारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और उन्हें रोकने के आरोप भी लगाए हैं।

हालांकि, FIR में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसकी क्या भूमिका थी।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

शेक्सपियर सरणी थाने में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 191(2), 191(3), 190, 121(1), 74, 3(5) और 351(2) शामिल हैं। पुलिस अब घटना से जुड़े लोगों की भूमिका, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।

राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार

अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन जैसे टीएमसी के बड़े नेताओं का नाम एफआईआर में आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्म हो सकता है। एक तरफ पुलिस ने सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ इस घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने की संभावना है।

Updated on:
28 Aug 2026 11:27 am
Published on:
28 Aug 2026 11:27 am