धमनी जितनी कठोर होगी, पल्स वेव उतनी तेज होगी यानी रक्त तरंग की गति और धमनियों के व्यवहार से उनकी जैविक सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक की निश्चित भविष्यवाणी नहीं देता, बल्कि हृदय रोग के संभावित जोखिम की समय रहते स्क्रीनिंग में मदद कर सकता है।