
KPMG report on India AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर कंसल्टेंसी फर्म KPMG की रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और दूसरी नई तकनीकों का फायदा उठाने के लिए भारत को अपनी प्रतिभा, रिसर्च और डेवलपमेंट, कंप्यूटिंग ढांचे और डेटा सिस्टम को मजबूत करना होगा। इस रिपोर्ट में UPI का जिक्र भी किया गया है। कंसल्टेंसी फर्म ने बताया कि कैसे UPI ने भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे में परिवर्तन लाया है।
KPMG की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश की विकास दर, उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी तय करने में तकनीक की बड़ी भूमिका होगी, लेकिन सिर्फ नई तकनीक विकसित करना काफी नहीं है। देश को उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता भी चाहिए।
इस रिपोर्ट में पांच जरूरी आधार बताए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि नई तकनीकों के विकास और इस्तेमाल के लिए रिसर्च, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, डिजाइन और तकनीकी ट्रेड में कुशल पेशेवरों की जरूरत होगी। विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और कंपनियों में रिसर्च क्षमता बढ़ाना होगा। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनानी होगी। जिससे रिसर्च की खोज को सीधे बिजनेस में इस्तेमाल में लाया जा सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जारी रिपोर्ट में कंप्यूटिंग और डेटा ढांचे को भी बड़ी जरूरत बताया गया है, खासकर AI के लिए, जो सुरक्षित और अच्छी तरह नियंत्रित डेटा व्यवस्था पर निर्भर करता है। रिपोर्ट में स्टार्टअप से लेकर स्थापित कंपनियों तक की भूमिका पर भी जोर दिया गया है।
कंसल्टेंसी फर्म की रिपोर्ट में UPI का भी जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने कैसे डिजिटल पेमेंट से पूरा बुनियादी ढांचा ही बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में UPI से 24,161 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हुए। इसमें बताया गया है कि जून 2026 तक इस प्लेटफॉर्म से 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता जुड़ चुके थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि अब नई तकनीकों को आगे ले जाने का समय आ गया है। इनमें AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और अंतरिक्ष तकनीक, ड्रोन, ग्रीन हाइड्रोजन, रेयर अर्थ अऔर बायोटेक्नोलॉजी शामिल हैं। कंसल्टेंसी फर्म ने कहा कि AI इंसानी क्षमताओं को बढ़ा सकता है और विनिर्माण, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और शासन में मूल्य के नए स्रोत बना सकता है। हालांकि इन फायदों के लिए प्रतिभा, रिसर्च, ढांचे और कंपनियों के विकास पर रणनीतिक ध्यान देना होगा। साथ ही जिम्मेदार शासन भी जरूरी होगा। रिपोर्ट ने जोर दिया कि AI का इस्तेमाल नैतिक, सुरक्षित और सबको साथ लेकर चलने वाले तरीके से होना चाहिए।