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Ladakh Talks: सोनम वांगचुक ने जसपाल भट्टी के क्लिप से MHA बैठक पर कसा तंज, कहा- न ड्राफ्ट आया न जवाब, बस अगली तारीख मिली

Sonam Wangchuk News: क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 9 सितंबर को गृह मंत्रालय (MHA) की सब-कमेटी के साथ हुई बैठक पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक की तुलना में कोई खास प्रगति नहीं हुई। उनके अनुसार, MHA की ओर से कोई ठोस ड्राफ्ट पेश नहीं किया गया और अगली बैठक अक्टूबर में करने पर सहमति बनी।
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Updated: 10 Sep 2026, 3:34 PM IST
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MHA से बातचीत पर सोनम वांगचुक नाराज (फोटो- X@sonam wangchuk)

Ladakh Talks: क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपाय लागू करने की मांगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की एक उपसमिति के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक पर निराशा जताई है। सोनम वांगचुक ने मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी के सीरियल 'फ्लॉप शो' का एक क्लिप शेयर करके केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि बातचीत के दौरान शायद ही कुछ नया हुआ।

चार महीने बाद भी कोई नतीजा नहीं

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधि 9 सितंबर को हुई उपसमिति की बैठक से बहुत निराश थे। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले हुई पिछली बैठक की तुलना में कोई प्रगति नहीं हुई। MHA ने चर्चा के लिए कोई आधिकारिक ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश नहीं किया और न ही लद्दाख द्वारा एक महीने पहले सौंपी गई उन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई जिन पर कोई सहमति नहीं बन पाई थी।

सिर्फ अगली बैठक का समय हुआ तय

वांगचुक ने कहा कि इस बात का कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया कि लोकतांत्रिक विधानसभा के फिर से बनने से पहले स्थानीय शासन और लैंड ट्रांसफर पॉलिसी में बड़े या ऐसे बदलाव नहीं किए जाएंगे जिन्हें बदला न जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि घंटों चली इस बैठक का एकमात्र नतीजा अक्टूबर में अगली बैठक का समय तय होना था।

जसपाल भट्टी के क्लिप के जरिए कसा तंज

वांगचुक ने जसपाल भट्टी के शो का एक क्लिप शेयर किया जिसमें अधिकारी एक संकट को लेकर लंबी बैठक के बाद बाहर आते हैं और कहते हैं, "आज तो कमाल हो गया, सर्वसम्मति से एक फैसला लिया गया है, अगली मीटिंग की डेट फिक्स हो गई है।"

वांगचुक ने आरोप लगाया कि 9 सितंबर की बैठक केवल लोगों का ध्यान भटकाने की एक चाल थी, जिसका मकसद उन्हें 10 सितंबर से शुरू होने वाली 'लेह से कारगिल' तक की विशाल पदयात्रा से दूर रखना था। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से दोनों पक्षों के बीच भरोसा लगातार कम हो रहा है जबकि अविश्वास गहराता जा रहा है।

पुरानी बातों को ही दोहराया गया, कोई प्रगति नहीं : पूर्व मंत्री

लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-अध्यक्ष और पूर्व मंत्री चेरिंग दोरजे लाक्रुक ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सिर्फ 22 मई को हुई पिछली बैठक की बातों को दोहराया और बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा, "हमें गृह मंत्रालय से एक ठोस ड्राफ्ट प्रस्ताव की उम्मीद थी, जिस पर हम सरकार का रुख साफ होने से पहले चर्चा कर सकते थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमने अधिकारियों को लिखित रूप में अपनी निराशा से अवगत करा दिया है।"

Updated on:
10 Sep 2026, 3:34 PM IST
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