राष्ट्रीय

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची पर सरकार खामोश क्यों? कांग्रेस ने उठाए सवाल

Congress on Ladakh: कांग्रेस ने अमित शाह के लद्दाख दौरे के बीच केंद्र सरकार से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देने पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। जयराम रमेश ने सरकार की चुप्पी और स्थानीय मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

2 min read
Apr 30, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (ANI)

Amit Shah Ladakh visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लद्दाख दौरे पर हैं। ऐसे में कांग्रेस ने केंद्र सरकार से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा प्रदान करने के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने नई दिल्ली में अमित शाह के लद्दाख दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग को अपनी धुन पर नचाने के बाद अब वे छुट्टी मनाने गए हैं।

ये भी पढ़ें

West Bengal Exit Polls पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान, कहा-BJP के इशारे पर TMC कार्यकर्ताओं के मनोबल को गिराने की कोशिश

उन्होंने कहा कि 2019 के बाद यह पहला मौका है, जब गृह मंत्री लद्दाख के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्हें वहां गए सात साल बीत चुके हैं। इस दौरान वहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, 83 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और चार लोगों को गोली मार दी गई। साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को छह महीने के लिए NSA के तहत गिरफ्तार किया गया।

सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

रमेश ने कहा कि पहले लद्दाख में दो जिले, लेह और कारगिल थे, लेकिन अब इसका पुनर्गठन किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश में सात जिले हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसे केंद्र शासित प्रदेश तो बना दिया, लेकिन इसका वास्तविक मतलब उपराज्यपाल का शासन है। लद्दाख के लोगों की दो प्रमुख मांगें हैं-विधानसभा के साथ पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा।

रमेश ने बताया कि छठी अनुसूची के तहत स्थानीय परिषदों को जमीन और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार मिलते हैं। सरकार इन दोनों मांगों के साथ-साथ ‘लद्दाख लोक सेवा आयोग’ के गठन की मांग पर भी पूरी तरह चुप है। इसके अलावा, लेह और कारगिल के लिए पहले से स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदें मौजूद हैं; ऐसे में अब जब सात जिले हो गए हैं, तो क्या सात परिषदें बनाई जाएंगी? इस संबंध में भी सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

यह जोर देते हुए कि लद्दाख देश के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में से एक है, रमेश ने कहा कि वहां के लोग संविधान में अपने लिए एक विशेष श्रेणी की मांग कर रहे हैं, ठीक वैसी ही, जैसी नागालैंड, असम और मणिपुर जैसे राज्यों को दी गई है। गृह मंत्री ने इस मुद्दे पर भी अब तक कुछ नहीं कहा है।

ये भी पढ़ें

US-Iran: अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ईरान पर नए हमले की तैयारी, डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
Published on:
30 Apr 2026 07:43 pm
Also Read
View All