
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Photo - IANS)
खरीफ सीजन की तैयारी को लेकर भारत सरकार विदेश से खाद जुटाने में लगी है, लेकिन इसी बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अपनी संसदीय सीट विदिशा में ही 'आईएफएफसीओ' कंपनी की दो प्रमुख खादों के सैंपल फेल हो गए।
रबी सीजन 2025-26 के दौरान डीएपी और एपीएस खादों में जरूरी पोषक तत्व कम पाए गए, जिससे किसानों के बीच चिंता बढ़ गई है। इसको लेकर जिला अधिकारी ने दिसंबर 2025 में विदिशा के गंज बासोदा और विदिशा ब्लॉक से सैंपल लिए।
भोपाल और ग्वालियर की प्रयोगशालाओं में जांच के बाद रिपोर्ट आई कि ये खादें स्टैंडर्ड नहीं हैं। इसके बाद तुरंत बिक्री रोकने के आदेश जारी कर दिए गए।
डीएपी (18-46-0) किसानों की सबसे पसंदीदा खाद है, जो बुवाई के समय बीज अंकुरण में मदद करती है। लेकिन विदिशा के सैंपल में नाइट्रोजन सिर्फ 16.73 प्रतिशत मिला, जबकि तय मान 18 प्रतिशत है।
फॉस्फोरस भी 42.17 प्रतिशत ही रहा, जबकि 46 प्रतिशत होना चाहिए था। 21 जनवरी 2026 को विदिशा के उप संचालक कृषि केएस खापेड़िया ने आदेश जारी किया कि इस लॉट (01/नवंबर 2025) की बिक्री और वितरण तुरंत बंद कर दिया जाए। साथ ही यह भी पूछा गया कि जिले के किन-किन डीलरों को कितनी मात्रा में यह खाद दी गई थी।
केवल डीएपी ही नहीं, आईएफएफसीओ की एपीएस (20:20:0:13) खाद भी जांच में फेल हुई। तिलहन, दालें, गन्ना, धान और कपास जैसी फसलों के लिए इस्तेमाल होने वाली इस खाद में फॉस्फोरस 18.34 प्रतिशत मिला (तय 20 प्रतिशत) और सल्फर सिर्फ 11.43 प्रतिशत (तय 13 प्रतिशत)। दिसंबर 2025 में विदिशा ब्लॉक से लिया गया सैंपल ग्वालियर लैब में जांच के बाद नाकाम रहा।
आईएफएफसीओ के अलावा इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) की ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (टीएसपी) खाद भी सिरोंज ब्लॉक से लिए गए सैंपल में फेल हुई। इसमें फॉस्फोरस सिर्फ 40.13 प्रतिशत पाया गया, जबकि मानक 46 प्रतिशत है। इस लॉट की बिक्री भी रोक दी गई।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल के महीनों में फर्जी और घटिया कृषि सामग्री पर बार-बार चिंता जताई है। कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि अगर कोई नकली बीज, खाद या कीटनाशक बेचने की कोशिश करे तो तुरंत हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर शिकायत करें।
अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल 2026 तक कुल खाद स्टॉक पिछले साल से ज्यादा है, लेकिन गुणवत्ता का मुद्दा किसानों के लिए नई मुश्किल खड़ा कर रहा है।
Updated on:
30 Apr 2026, 5:49 PM IST
Published on:
30 Apr 2026, 5:49 PM IST
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