
Agni 6 Range and Features
DRDO Agni 6 Missile Update: भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की प्रमुख एजेंसी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) दुश्मन देशों की नींद उड़ाने के लिए तैयार है। अग्नि-VI बैलिस्टिक मिसाइल के विकास पर डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने गुरुवार को कहा कि यह कार्यक्रम सरकार के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलते ही एजेंसी आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
एएनआई नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में बोलते हुए समीर कामत ने कहा कि यह सरकार का फैसला है। सरकार जब भी हमें हरी झंडी देगी, हम तैयार हैं। अग्नि-VI एक उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल होने की उम्मीद है, जिसकी मारक क्षमता भारत की अग्नि श्रृंखला की मौजूदा प्रणालियों की तुलना में अधिक होगी और क्षमताएं भी बेहतर होंगी।
शिखर सम्मेलन के दौरान डीआरडीओ के अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया था कि भारत का एलआर-एएसएचएम हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल कार्यक्रम उन्नत चरण में पहुंच गया है, और जल्द ही प्रारंभिक परीक्षण होने की उम्मीद है। एएनआई राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कामत ने कहा कि भारत हाइपरसोनिक ग्लाइड और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणालियों दोनों पर काम कर रहा है, जिसमें ग्लाइड संस्करण वर्तमान में विकास के मामले में आगे है। उन्होंने कहा कि हाइपरसोनिक के संबंध में, हम दो कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं, हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
समीर कामत ने दोनों प्रणालियों के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल में स्क्रैमजेट इंजन होता है और उड़ान के दौरान इसे ऊर्जा मिलती है। हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल प्रारंभिक वेग प्राप्त करने के लिए बूस्टर का उपयोग करती है और फिर बिना किसी ऊर्जा के ही ग्लाइड करती है। कामत ने संकेत दिया कि ग्लाइड मिसाइल का परीक्षण जल्द ही किया जा सकता है।
समीर कामत ने कहा कि सबसे पहले ग्लाइड मिसाइल आएगी। हमें जल्द ही पहले परीक्षण करने चाहिए और यह क्रूज मिसाइल की तुलना में अधिक उन्नत चरण में है। उन्होंने प्रस्तावित पारंपरिक मिसाइल बल की संरचना की भी रूपरेखा प्रस्तुत की, जिस पर अभी भी विचार किया जा रहा है।
उनके अनुसार, बल को विभिन्न श्रेणियों और सामरिक भूमिकाओं के लिए विभिन्न प्रणालियों के मिश्रण की आवश्यकता होगी।
Published on:
30 Apr 2026 04:29 pm
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