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नहीं मान रहे नेतन्याहू? इजराइली हमलों से परेशान होकर ट्रंप की शरण में पहुंचा लेबनान, लगाई जंग रोकने की गुहार

लेबनान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से इजराइल-हिज्बुल्लाह हिंसा के बीच बातचीत शुरू करने की अपील की। अब सबकी निगाहें ट्रंप की मध्यस्थता पर टिकी है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 30, 2026

US President Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo Credit - IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वादों के बावजूद इजराइल-हिज्बुल्लाह के बीच जंग जारी है। इस बीच, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन जंग को रोकने के लिए ट्रंप की शरण में पहुंच गए हैं।

उन्होंने अमेरिका से कहा है कि इजराइल-हिज्बुल्लाह के बीच चल रही हिंसा के बीच बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तारीख तय की जाए। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि पहले इजराइल को सीजफायर की शर्तों का पूरा पालन करना होगा।

सीजफायर टूटने का खतरा

दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले और गोलीबारी जारी है। तीन हफ्ते पहले हिज्बुल्लाह ने सीजफायर की मांग की थी। शुरुआत में दोनों तरफ से हमले चलते रहे।

अमेरिका के दबाव में इजराइल ने एक हफ्ते बाद सीजफायर मान लिया। लेकिन उसके बाद भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए।

लेबनानी सरकार, इजराइल और अमेरिका इस बातचीत को ईरान के साथ चल रही अमेरिकी वार्ता से अलग रखना चाहते हैं। मगर बढ़ती हिंसा ने सब कुछ जटिल बना दिया है।

लेबनान अमेरिका पर टिका

राष्ट्रपति औन ने अमेरिका से सीधे संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि लेबनान अब अमेरिका से बातचीत शुरू करने की तारीख का इंतजार कर रहा है। लेकिन इजराइल को पहले सीजफायर का पूरा सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इजराइल की आक्रामक कार्रवाइयां सीजफायर के बाद भी जारी नहीं रहनी चाहिए। लेबनान चाहता है कि इजराइल दक्षिणी इलाकों से अपनी सेना हटाए, गांवों में हो रही तोड़फोड़ बंद करे और सीमा का स्पष्ट निर्धारण हो।

वहीं, हिज्बुल्लाह सीधे इजराइल से बातचीत का विरोध कर रहा है। हिजबुल्लाह के एक नेता ने कहा कि इजराइल को सीजफायर की हर शर्त माननी होगी, वरना कोई बातचीत नहीं।

ट्रंप की भूमिका अहम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के राजदूतों के बीच व्हाइट हाउस में दो दौर की बैठकें कराईं। पहले 10 दिन का सीजफायर हुआ, फिर उसे तीन हफ्ते बढ़ा दिया गया।

ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति औन को व्हाइट हाउस बुलाने की भी बात कही है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका लेबनान को हिजबुल्लाह से खुद को बचाने में मदद करेगा। लेकिन मैदान में स्थिति अलग है। दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना बफर जोन बनाए हुए है और हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी हैं।

दोनों तरफ से उल्लंघन

सीजफायर के बावजूद हिजबुल्लाह ने रॉकेट दागे और इजराइल ने हवाई हमलों से जवाब दिया। लेबनान के कुछ गांवों में तोड़फोड़ की खबरें आईं। लेबनानी अधिकारी कहते हैं कि सीजफायर का पूरा पालन हुए बिना आगे की बड़ी बातचीत संभव नहीं।

राष्ट्रपति औन ने हिजबुल्लाह को जवाब देते हुए कहा कि इजराइल से बात करना देशद्रोह नहीं है। असली देशद्रोह वह है जो दूसरे देशों के हित में लेबनान को युद्ध में झोंक दे। उन्होंने कहा कि बातचीत से ही देश को बचाया जा सकता है।