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Exit Poll में बड़ा उलटफेर संभव, सर्वे करने वाले ने खुद कबूली यह बात, बंगाल में किन वोटरों से BJP को फायदा?

Exit Poll 2026: विधानसभा चुनाव को लेकर जारी किए गए एग्जिट पोल में बड़ा उलटफेर होने की संभावना है। सर्वे करने वाले ने खुद यह बात कबूल की है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 30, 2026

एग्जिट पोल। (फोटो- AI)

देश के चार बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए यह सबसे अच्छा समय लग रहा है। असम में आखिरी चरण में मुकाबला एकतरफा हो गया, जबकि तमिलनाडु में डीएमके अभी भी मजबूत स्थिति में है।

मैट्रिज न्यूज कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मनोज कुमार सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत में अहम बात बताई। उन्होंने साफ कहा कि वोट प्रतिशत से सीधे सीटों का अनुमान लगाना गलत हो सकता है।

बंगाल में भाजपा की सबसे अच्छी पिच

मनोज सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को अब तक का सबसे मजबूत मौका मिला है। एग्जिट पोल के रुझान भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

राज्य में प्रवासी मतदाताओं की भारी भागीदारी देखी गई। कई लोग वोटर लिस्ट से नाम कटने या पहचान संबंधी परेशानी के डर से घर लौट आए।

उधर, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने समर्थकों को अच्छी तरह जुटाया। सिंह का मानना है कि युवाओं में बदलाव की चाहत बढ़ रही है और तृणमूल की पुरानी पकड़ इस बार कमजोर पड़ सकती है।

असम में कांग्रेस की कमजोर रणनीति ने खेल बिगाड़ा

असम चुनाव की बात करें तो आखिरी दौर में यह मुकाबला काफी एकतरफा हो गया। सिंह ने बताया कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े पासपोर्ट वाले विवाद को उठाया। लेकिन हिमंत ने तुरंत जवाब दिया और कार्रवाई हुई।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के असम छोड़कर चले जाने से उनके कार्यकर्ताओं में हताशा फैल गई। इस घटना ने कांग्रेस की कमजोरी की छवि बना दी। सिंह ने जोर देकर कहा कि असम में अब हिंदू-मुस्लिम का पुराना नारा इतना काम नहीं कर रहा।

सीमा निर्धारण (डिलिमिटेशन) के बाद हिंदू बहुल सीटों की संख्या बढ़ गई है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। छोटे राज्य होने के कारण यहां वोट शेयर में छोटा सा बदलाव भी सीटों पर बड़ा असर डाल सकता है।

तमिलनाडु में विजय की नई पार्टी वोट काटेगी

तमिलनाडु में डीएमके नेता एमके स्टालिन के नेतृत्व में पार्टी अभी भी अच्छी स्थिति में है। अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने खासकर युवाओं में जोश भरा है, लेकिन सिंह का अनुमान है कि यह पार्टी डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के वोट में कटौती करेगी।

उन्होंने पहले ही प्रोजेक्ट किया था कि डीएमके गठबंधन 122 से 132 सीटें जीत सकता है, जो बहुमत के लिए काफी है। एआईएडीएमके को 87 से 100 सीटें और टीवीके को कुछ खास वोट शेयर मिलने की उम्मीद है। सिंह ने कहा कि नई पार्टी होने के बावजूद टीवीके का असर दोनों प्रमुख दलों पर पड़ेगा, लेकिन डीएमके की जड़ें गहरी हैं।

केरल में एंटी इनकंबेंसी के बावजूद LDF की चुनौती

केरल पर सिंह ने साफ भविष्यवाणी नहीं की, लेकिन कहा कि 2021 में एंटी इनकंबेंसी के बावजूद लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सत्ता में वापस आया था।

राज्य की परंपरा के मुताबिक सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की उम्र और उनकी राजनीतिक आक्रामकता में कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वोट प्रतिशत से सीट अनुमान लगाना खतरनाक

मनोज कुमार सिंह ने पूरे विश्लेषण में एक बात बार-बार दोहराई। उन्होंने कहा कि वोट प्रतिशत और सीटों का रूपांतरण दो अलग चीजें हैं।

खासकर असम जैसे छोटे राज्य में छोटा सा फर्क नतीजे पलट सकता है। सिर्फ वोटिंग प्रतिशत देखकर निष्कर्ष निकालना भ्रम पैदा कर सकता है। चुनाव नतीजे कई कारकों से तय होते हैं।