लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला तो हम मुआवजा वापस कर देंगे। सरकार किसानों की मौत की कीमत नहीं लगा सकती।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में कार से कुचले जाने के बाद किसानों की मौत से स्थिति गंभीर हो गई थी। इसके बाद राकेश टिकैत ने सरकार संग समझौता किया तो मामला थोड़ा शांत हो गया। वहीं अब राकेश टिकैत इस मामले पर सख्त रुख अख्तियार करते नजर आ रहे हैं। राकेश टिकैत का कहना कि कुछ लोगों को लग रहा है कि पैसे दे दिए तो मामला शांत हो गया, याद रहे कि अगर केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त नहीं किया गया और उनके बेटे की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सरकार को मुआवजा वापस कर दिया जाएगा।
किसानों की मौत की कीमत नहीं लगा सकती सरकार
राकेश टिकैत का कहना है कि कोई इस तरह से अन्नदाताओं की मौत की कीमत नहीं दे सकता। आरोपियों की सजा मिलनी चाहिए और जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार से जो समझौता हुआ था वो अंतिम संस्कार तक सीमित था। इसकी वजह है क्योंकि किसी के पार्थिव शरीर को ज्यादा समय तक ऐसे नहीं रख सकते।
न्याय न मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
किसान नेता राकेश टिकैट का कहना है कि सरकार ने हमसे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 12 अक्टूबर तक का समय मांगा था, फिलहाल हम उसका इंतजार कर रहे हैं। अगर सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो हम मुआवजा वापस कर देंगे और ये आंदोलन न्याय न मिलने तक जारी रहेगा।
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों के विरोध मे प्रदर्शन कर रहे किसानों को एक कार ने कुचल दिया था। इससे 5 किसान समेत 8 लोगों की मौत हो गई। किसानों का आरोप है कि उनपर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने गाड़ी चढ़ाई है। वहीं किसान आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।